गुना में तेंदुए का शव मिलने से हड़कंप, शिकार की आशंका

ENVIRONMENT
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
गुना में तेंदुए का शव मिलने से हड़कंप, शिकार की आशंका

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक तेंदुए का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। वन विभाग को शक है कि तेंदुए का शिकार उसके दांतों और नाखूनों के लिए किया गया है। अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है, जो एक संरक्षित जंगल क्षेत्र में हुई है। यह हत्या वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत एक गंभीर उल्लंघन है।

जांच और वन्यजीव संरक्षण कानून

मध्य प्रदेश के वन विभाग के अधिकारी गुना जिले के आगरा-हंसली जंगल में मिले तेंदुए की मौत की जांच कर रहे हैं। गुरुवार को मिले शव का सिर गायब था, जिससे अधिकारियों को शक है कि जानवर को उसके दांतों और नाखूनों के लिए निशाना बनाया गया था। इस घटना ने गुना उत्तर वन प्रभाग के तहत आने वाले क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

वन संरक्षण के मुख्य अधिकारी, आदर्श श्रीवास्तव, ने पुष्टि की है कि विभाग इस घटना को संदिग्ध शिकार का मामला मान रहा है। जांचकर्ता वर्तमान में संभावित सबूतों को ट्रैक करने के लिए खोजी कुत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं और स्थानीय निवासियों के साथ-साथ वन्यजीव अपराधों के इतिहास वाले व्यक्तियों से पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारी इस संभावना की भी जांच कर रहे हैं कि तेंदुए को किसी दूसरी जगह पर मारा गया हो और फिर शव को कम्पार्टमेंट पीएफ-52 में फेंका गया हो।

सबूत के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत का सही कारण पता चल सके और चल रही जांच के लिए फोरेंसिक सबूत मिल सकें। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत तेंदुए जैसी संरक्षित प्रजाति को मारना एक गंभीर आपराधिक अपराध है, जिसके लिए महत्वपूर्ण जेल की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है।

मध्य प्रदेश में तेंदुए की आबादी का संदर्भ

यह खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य भारत में तेंदुओं के लिए एक प्रमुख निवास स्थान है। 2022 के वन्यजीव जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में देश में तेंदुओं की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई थी, जिसकी अनुमानित आबादी 3,907 थी। इस तरह की घटनाएं अक्सर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority) और स्थानीय वन्यजीव बोर्डों द्वारा गश्ती प्रोटोकॉल और वन प्रभागों में शिकार-विरोधी उपायों के संबंध में कड़ी निगरानी को ट्रिगर करती हैं।

जांच के अगले कदम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों और वर्तमान जमीनी स्तर की पूछताछ की सफलता पर निर्भर करेंगे। अधिकारियों से आगे अवैध वन्यजीव गतिविधि को रोकने के लिए गुना उत्तर वन प्रभाग में निगरानी को मजबूत करने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.