ओमान के तट के पास फंसे कैरोलिन बेज़ेंगी (Caroline Bezengi) टैंकर से तेल का रिसाव अब **150 वर्ग किलोमीटर** तक फैल गया है। यह रिसाव एक संरक्षित समुद्री क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। टैंकर का मालिक, रेंटूर शिपमैनेजमेंट (Rentoor Shipmanagement), बचाव के आदेशों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, जिससे जवाबदेही और सफाई की लागत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पर्यावरण पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
कैरोलिन बेज़ेंगी टैंकर से हो रहा तेल का रिसाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह ओमान के तट से करीब 150 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैल चुका है। जून 2026 से किब्लियाह द्वीप (Qibliyah Island) के पास फंसे इस जहाज से कच्चा तेल एक संवेदनशील समुद्री वातावरण में रिस रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि यह तेल का फैलाव (slick) जहाज के गिरने की जगह से आगे बढ़ गया है और हलाणियत द्वीप समूह मरीन बफर ज़ोन (Hallaniyat Islands Marine Buffer Zone) तक पहुंच रहा है। यह इलाका पेट्रेल और अरेबियन सी हम्पबैक व्हेल जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास है।
मानसून और बढ़ती मुश्किलें
मानसून के मौजूदा मौसम के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। तेज हवाएं और उबड़-खाबड़ समंदर के कारण टीमों के लिए जहाज तक पहुंचना और रिसाव को रोकना या बचाव कार्य शुरू करना लगभग नामुमकिन हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर टैंकर की वर्तमान खराब हालत बनी रहती है, तो इसके टूटने का गंभीर खतरा है। इससे इसके बचे हुए 800,000 बैरल से अधिक कच्चे तेल का और भी बड़ा रिसाव हो सकता है। किब्लियाह द्वीप के किनारों पर काले तेल के धब्बे इस बात का संकेत हैं कि नुकसान पहले ही काफी बड़ा हो चुका है।
'शैडो फ्लीट' और जवाबदेही का सवाल
जहाजरानी और बीमा क्षेत्र के लिए, यह घटना 'शैडो फ्लीट' कहे जाने वाले जहाजों के खतरों को उजागर करती है। कैरोलिन बेज़ेंगी एक प्रतिबंधित (sanctioned) जहाज है, जिसे यूके और यूरोपीय संघ ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को दरकिनार कर तेल परिवहन में अपनी भूमिका के कारण प्रतिबंधित किया है। इस फ्लीट के जहाजों में अक्सर स्टैंडर्ड प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I) बीमा नहीं होता है, जो आमतौर पर दुर्घटनाओं, रिसाव और प्रदूषण की सफाई की लागत को कवर करने के लिए आवश्यक होता है।
चूंकि यह जहाज इन वैश्विक ढांचों के बाहर काम करता है, इसलिए फिलहाल सफाई की जिम्मेदारी लेने वाला कोई स्पष्ट पक्ष नहीं है। शंघाई स्थित जहाज के मालिक, रेंटूर शिपमैनेजमेंट (Rentoor Shipmanagement), ने ओमान सरकार के निर्देशों और जहाज को हटाने की समय-सीमाओं पर कोई जवाब नहीं दिया है। इससे एक वित्तीय शून्य पैदा हो गया है, जहां पर्यावरणीय आपदा की जिम्मेदारी और लागत जहाज के ऑपरेटरों या बीमाकर्ताओं के बजाय मेजबान देश पर भारी पड़ रही है।
आगे की निगरानी
आने वाले हफ्तों में मुख्य ध्यान ओमान सरकार की जहाज से निपटने की रणनीति पर रहेगा, खासकर मालिक की निष्क्रियता को देखते हुए। निवेशक और उद्योग पर्यवेक्षक संभावित कानूनी कार्रवाइयों पर नज़र रखेंगे, जैसे कि जहाज को जब्त करने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री अदालतों के माध्यम से इसके ऑपरेटरों को उत्तरदायी ठहराने के प्रयास। इसके अलावा, कठोर मानसून के मौसम के दौरान स्थानीय अधिकारियों की पर्यावरणीय क्षति को कम करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि किसी भी और देरी से इस क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी पर्यावरणीय और वित्तीय संकट बन सकता है।
