उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 145 में एक माइक्रोसॉफ्ट प्रोजेक्ट को कानूनी रूप से आवश्यक अनुमतियों के बिना भूजल निकालने के आरोप में नोटिस जारी किया है। गौतम बुद्ध नगर जिले के भूजल विभाग ने परिसर में बिना किसी वैध परमिट या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के स्थापित 10 बोरवेल पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की है, जो उत्तर प्रदेश भूजल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम, 2019 का उल्लंघन है।
क्षेत्र में भूजल तनाव:
नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को तीव्र शहरीकरण और औद्योगिक विकास के कारण केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा "अति-शोषित" या "गंभीर" वर्गीकृत किया गया है। जल संसाधनों पर यह निरंतर दबाव अनधिकृत निष्कर्षण को स्थानीय आपूर्ति की स्थिरता के लिए विशेष रूप से चिंताजनक बनाता है।
कानूनी ढांचा और दंड:
नोटिस में माइक्रोसॉफ्ट को 15 कार्य दिवसों के भीतर विभाग के कार्यालय में सभी बोरवेल अनुमतियों की प्रतियां जमा करने का निर्देश दिया गया है। अनुपालन न करने पर भूजल अधिनियम, 2019 के तहत अवैध भूजल निष्कर्षण माना जाएगा। इसमें ₹2 लाख से ₹5 लाख तक का जुर्माना, छह महीने से एक साल तक की कैद, या दोनों का दंड शामिल है।
पर्यावरणीय चिंताएँ:
पर्यावरणविदों ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि ऐसी कार्रवाइयां क्षेत्र में पानी के संकट की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। विशेषज्ञों का चेतावनी है कि बड़े कॉर्पोरेट और रियल एस्टेट परियोजनाओं द्वारा निरंतर अनुपालन न करने से जल स्तर और गिर सकता है और आसपास के क्षेत्रों के लिए पीने के पानी की कमी बढ़ सकती है। सेक्टर 145 में माइक्रोसॉफ्ट परिसर का उद्घाटन मार्च 2025 में हुआ था।