मध्य प्रदेश के डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में साल बोरर कीड़े के प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने **1,56,319** साल के पेड़ों को काटने की मंजूरी दे दी है। यह ऑपरेशन अक्टूबर से शुरू होगा।
संकट की गंभीरता
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में साल बोरर (Sal Borer) कीड़े के घातक प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए 1,56,319 साल के पेड़ों को काटने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय अमरकंटक क्षेत्र में जंगलों को पूरी तरह नष्ट होने से बचाने के लिए लिया गया है। पेड़ों को काटने की प्रक्रिया अक्टूबर महीने से शुरू होगी।
प्रभावित इलाके और आंकड़े
इस अभियान में डिंडोरी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहाँ 1,46,784 पेड़ काटे जाएंगे, जबकि अनूपपुर में 9,535 पेड़ हटाए जाएंगे। डिंडोरी के करंजिया रेंज में स्थिति सबसे गंभीर है, जहाँ कुल प्रभावित पेड़ों का लगभग 90% हिस्सा स्थित है। पेड़ों के तनों के पास जमा बुरादा इस संक्रमण के फैलाव का मुख्य संकेतक बना है।
नाकाम रही पूर्व कोशिशें
वन विभाग ने इससे पहले यांत्रिक तरीके अपनाकर इस महामारी को रोकने की कोशिश की थी। स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर विभाग ने ₹38.5 लाख खर्च कर करीब 19 लाख कीड़े इकट्ठा किए थे, लेकिन इसके बावजूद संक्रमण का स्तर कम नहीं हुआ। अब इन पेड़ों को हटाना एकमात्र विकल्प बचा है ताकि बाकी जंगल को सुरक्षित रखा जा सके।
भविष्य की चिंताएं
साल के पेड़ आर्थिक और पारिस्थितिकी (Ecological) दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इन पेड़ों के नुकसान से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना तय है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन पेड़ों को तेजी से हटाने और फिर उस जगह पर फिर से हरियाली बहाल करने की है, ताकि भविष्य में पर्यावरण संतुलन बना रहे।
