यूरोप में जून की भीषण गर्मी का कहर! 10,000 से ज़्यादा लोगों की मौत, बुजुर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित

ENVIRONMENT
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
यूरोप में जून की भीषण गर्मी का कहर! 10,000 से ज़्यादा लोगों की मौत, बुजुर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित

जून के आखिर में यूरोप में पड़ी ज़बरदस्त गर्मी ने **10,000** से ज़्यादा जानें लील लीं। EuroMOMO की रिपोर्ट के अनुसार, इस हीटवेव (Heatwave) का सबसे ज़्यादा असर बुज़ुर्गों पर पड़ा है। इस घटना ने पब्लिक हेल्थ (Public Health) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर बढ़ते जलवायु परिवर्तन के असर पर नई बहस छेड़ दी है।

गर्मी का विकराल रूप: जानें कितने गए?

जून 2026 के अंत में यूरोप ने एक असामान्य रूप से गंभीर और जल्दी पड़ी हीटवेव (Heatwave) का सामना किया, जिसके कारण पूरे महाद्वीप में मौतों का आंकड़ा तेज़ी से बढ़ गया। स्वास्थ्य निगरानी एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि इस चरम अवधि के दौरान 10,000 से ज़्यादा अतिरिक्त मौतें हुईं। हालांकि अधिकारी मानते हैं कि हर मामले में गर्मी से सीधा संबंध स्थापित करना मुश्किल हो सकता है, विशेषज्ञों ने बढ़ते तापमान और कमज़ोर आबादी में मौतों की अचानक बढ़ोतरी के बीच स्पष्ट संबंध पर ज़ोर दिया है।

मौतों का आंकड़ा और क्षेत्रीय असर

यूरो-मोमो (EuroMOMO) की मॉनिटरिंग हब, जो बीस से ज़्यादा यूरोपीय देशों के डेटा पर नज़र रखती है, ने 28 जून को समाप्त हुए हफ़्ते में कुल 14,260 अतिरिक्त मौतें दर्ज कीं। इस कुल आंकड़े का एक बड़ा हिस्सा – लगभग 12,00065 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों में था। बुज़ुर्गों के बीच मौतों का यह सांद्रण (Concentration) स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक मुख्य चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि वे इस अत्यधिक मौसम के प्रभाव का विश्लेषण कर रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों ने अब और ज़्यादा विस्तृत आंकड़े जारी करना शुरू कर दिया है। जर्मनी के रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (Robert Koch Institute) ने गर्मी से जुड़ी 6,830 मौतें पहचानी हैं, जिनमें से अधिकांश बुज़ुर्गों में हुईं। यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) के मेट ऑफिस (Met Office) ने मई और जून के संयुक्त अवधि के लिए इंग्लैंड और वेल्स में अनुमानित 2,700 गर्मी-संबंधित मौतों की रिपोर्ट दी है। इसी तरह, फ्रांस में जून के आखिरी हफ़्ते में कम से कम 2,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं, जबकि बेल्जियम के साइंसेनो (Sciensano) पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट ने 18 जून से 1 जुलाई के बीच 1,747 अतिरिक्त मौतें देखीं।

वैज्ञानिक और पब्लिक हेल्थ का नज़रिया

इन घटनाओं की निगरानी करने वाले वैज्ञानिक, हीटवेव की बढ़ती आवृत्ति (Frequency) और तीव्रता को पब्लिक हेल्थ की तैयारी के लिए एक बड़ी चिंता के रूप में देख रहे हैं। जहां 2003 की यूरोपीय हीटवेव लगभग 70,000 मौतों के साथ सबसे घातक दर्ज की गई थी, वहीं जून की हालिया वृद्धि को शोधकर्ताओं ने अत्यधिक असामान्य बताया है। यूरो-मोमो नेटवर्क के कोऑर्डिनेटर लास्से वेस्टरगार्ड (Lasse Vestergaard) ने कहा कि इस विशिष्ट समयावधि में देखी गई मौतों की तेज़ बढ़ोतरी के लिए कोई और स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं है।

अधिकारियों के लिए चुनौती ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग में है। कई गर्मी-संबंधित मौतें, विशेष रूप से कमज़ोर व्यक्तियों में होने वाली कार्डियक (Cardiac) घटनाओं से जुड़ी, आधिकारिक तौर पर गर्मी से प्रेरित के रूप में वर्गीकृत नहीं की जा सकती हैं, जिससे अंतिम मृत्यु रजिस्टरों में कम गिनती हो सकती है। जर्मनी के कुछ हिस्सों में 28 जून को 41.7 डिग्री सेल्सियस जैसे रिकॉर्ड तापमान तक पहुंचने के साथ, इस घटना ने विकसित देशों में पब्लिक हेल्थ सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अत्यधिक मौसम के जोखिमों की एक कड़ी चेतावनी दी।

निवेशक और नीति निर्माता संभवतः पब्लिक हेल्थ खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुकूलित (Adapt) करने की रणनीतियों पर भविष्य के अपडेट की निगरानी करेंगे। अगले कदम इस अवधि के दौरान यूरोपीय स्वास्थ्य प्रणालियों ने कैसे प्रतिक्रिया दी, इसका गहन विश्लेषण करेंगे, और बढ़ती हुई चरम गर्मी के जोखिमों को कम करने के लिए क्या दीर्घकालिक उपाय आवश्यक हो सकते हैं, इसका पता लगाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.