रूस की रिफाइनरियों पर हमले रोकने से Zelenskyy का इनकार, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में मचेगी हलचल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
रूस की रिफाइनरियों पर हमले रोकने से Zelenskyy का इनकार, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में मचेगी हलचल

यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले रोकने की अमेरिकी मांग को ठुकरा दिया है। यह मांग अमेरिका द्वारा रूस के साथ किए गए एक नए डीजल सौदे के जरिए ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिशों से जुड़ी थी। इस गतिरोध ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

अमेरिका की मांग और कीव का स्टैंड

यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने रूस की ऊर्जा संपत्तियों पर हो रहे ड्रोन हमलों को बंद करने की अमेरिकी अपील को साफ तौर पर नकार दिया है। वाशिंगटन का मानना था कि इन हमलों के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो रही है और अमेरिका अपने घरेलू डीजल संकट को सुलझाने के लिए रूस के साथ एक विशेष सौदे पर काम कर रहा है। कीव का स्पष्ट रुख है कि वह केवल तभी हमले रोकेगा, जब रूस भी यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले बंद करने की गारंटी दे।

ग्लोबल मार्केट के लिए जोखिम

रूस दुनिया के सबसे बड़े एनर्जी सप्लायर्स में से एक है। रिफाइनरी ऑपरेशंस में कोई भी बड़ी बाधा ग्लोबल क्रूड ऑयल और डीजल की सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। वर्तमान तनाव इस बात का संकेत है कि एनर्जी मार्केट में आने वाले दिनों में और भी अस्थिरता देखी जा सकती है।

भारतीय बाजारों पर क्या होगा असर?

भारत के लिए, जो क्रूड ऑयल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स का एक बड़ा आयातक है, यह खबर बेहद संवेदनशील है। ग्लोबल स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल सीधे हमारे ट्रेड डेफिसिट और इन्फ्लेशन को प्रभावित करता है। इसके अलावा, घरेलू ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के मार्जिन पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल, निवेशक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या अमेरिका-रूस का यह नया डीजल समझौता मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच टिक पाएगा या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.