Houthi विद्रोहियों ने Mokha पोर्ट और Perim Island पर कब्जा कर लिया है, जिससे Bab el-Mandeb Strait से होने वाला ग्लोबल ट्रेड संकट में आ गया है। इस तनाव ने Saudi Arabia की तेल सप्लाई और शिपिंग कॉस्ट को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
यमन में बिगड़ते हालातों ने ग्लोबल मैरीटाइम और एनर्जी मार्केट में हलचल मचा दी है। 10 सितंबर 2026 को Houthi बलों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Mokha पोर्ट और Perim Island को अपने नियंत्रण में ले लिया है। ये इलाके Bab el-Mandeb Strait के पास हैं, जो दुनिया भर में तेल और नेचुरल गैस की शिपिंग के लिए एक मुख्य रास्ता है।
एनर्जी सप्लाई चेन पर असर
इस घटना का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर दिख रहा है। सऊदी अरब के औद्योगिक ठिकानों पर ड्रोन हमलों के बाद, उन्होंने अपनी East-West तेल पाइपलाइन को बंद कर दिया है। यह पाइपलाइन तब एक बड़ा विकल्प बनी थी जब Strait of Hormuz पर दबाव था। अब Bab el-Mandeb Strait के ब्लॉक होने से दुनिया एक साथ कई मोर्चों पर सप्लाई बाधाओं का सामना कर रही है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता शिपिंग लागत में भारी उछाल है। अब बड़ी शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों को Cape of Good Hope की तरफ मोड़ना पड़ सकता है, जिससे फ्यूल की खपत और यात्रा का समय काफी बढ़ जाएगा। यह न केवल फ्रेट रेट्स बढ़ाएगा बल्कि दुनिया भर में महंगाई का दबाव भी पैदा कर सकता है।
मानवाधिकार और भू-राजनीतिक स्थिति
संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, सितंबर 2026 की शुरुआत से अब तक 82,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। फिलहाल, यमन सरकार अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए काउंटर-ऑफेंसिव की योजना बना रही है, जिससे इस अस्थिरता के लंबे समय तक बने रहने के आसार हैं। बाजार अब Crude Oil की कीमतों और समुद्री बीमा (Maritime Insurance) प्रीमियम में होने वाले बदलावों पर कड़ी नजर रख रहा है।
