PPP मॉडल से जुटाई जाएगी $900 मिलियन की प्राइवेट फाइनेंसिंग
यह World Bank की फंडिंग, $1.7 बिलियन के कुल प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा है। इस 1,125 MW के Dorjilung Hydro Power Ltd (DHPL) प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद Bhutan की सरकार पर सीधा कर्ज का बोझ कम करना है। इस स्ट्रक्चर से $900 मिलियन अतिरिक्त प्राइवेट निवेश आकर्षित करने की उम्मीद है, जिससे प्रोजेक्ट की भारी लागत को कम सरकारी कर्ज के साथ पूरा किया जा सके।
Bhutan को होगा $4 बिलियन का फायदा, India को मिलेगी क्लीन एनर्जी
इस प्रोजेक्ट से Bhutan को अगले 30 साल में करीब $4 बिलियन (लगभग ₹33,000 करोड़) की कमाई होने का अनुमान है। यह पैसा टैक्स, फ्री पावर शेयर और डिविडेंड (dividend) के जरिए आएगा, जो देश की आर्थिक ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करेगा और Bhutan को कार्बन-नेगेटिव बने रहने के लक्ष्य को पूरा करेगा।
यह प्रोजेक्ट सालाना 4,500 GWh से ज़्यादा क्लीन बिजली पैदा करेगा, जिससे Bhutan को सर्दियों के दौरान बिजली की कमी से निपटने में मदद मिलेगी। सबसे खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट गर्मियों और मानसून के दौरान India को अतिरिक्त बिजली की सप्लाई करेगा। उत्पन्न होने वाली बिजली का लगभग 80% हिस्सा India को जाएगा, जिससे India की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने में मदद मिलेगी और दोनों देशों के बीच क्लीन एनर्जी को-ऑपरेशन (cooperation) भी गहरा होगा।
Tata Power के CEO & MD, Praveer Sinha ने इस कमिटमेंट को एक 'लैंडमार्क अचीवमेंट' (landmark achievement) बताया है, जो रीजनल एनर्जी सिक्योरिटी (regional energy security) को मजबूत करता है।
