Websol Energy System ने पश्चिम बंगाल के फाल्टा में **54 एकड़** जमीन का अधिग्रहण किया है। कंपनी यहां **4GW** क्षमता वाला सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी, जिसे **2028** तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्षमता में भारी बढ़ोतरी
Websol Energy System ने अपनी विस्तार योजनाओं की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फाल्टा इंडस्ट्रियल पार्क में जमीन हासिल कर ली है। इस नई यूनिट में 4 गीगावाट (GW) सोलर सेल और 4 गीगावाट सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता होगी। वर्तमान में कंपनी की क्षमता 1,200 मेगावाट सेल और 550 मेगावाट मॉड्यूल है, जिसके मुकाबले यह प्रोजेक्ट एक बड़ी छलांग है।
यह पूरा प्रोजेक्ट दो फेज में पूरा होगा, जिसमें हर फेज में 2 गीगावाट की क्षमता जोड़ी जाएगी। कंपनी का मानना है कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी: फंडिंग और रिस्क
इस प्रोजेक्ट का पैमाना बहुत बड़ा है, जिसके लिए भारी निवेश की जरूरत होगी। कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस निवेश के लिए पैसा कहां से आएगा—क्या वे कर्ज लेंगे, नए शेयर जारी करेंगे या अपने पास मौजूद कैश का इस्तेमाल करेंगे? कर्ज बढ़ने से कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, 4 गीगावाट के प्लांट को खड़ा करना एक जटिल काम है। निवेशकों को निर्माण की समय-सीमा, मशीनरी आने की रफ्तार और प्रोडक्शन शुरू होने की तारीख पर पैनी नजर रखनी चाहिए। देरी होने पर प्रोजेक्ट की लागत बढ़ सकती है। सोलर सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, Websol को न केवल प्लांट तैयार करना होगा, बल्कि बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर माल बेचकर अपना मार्जिन भी सुरक्षित रखना होगा।
