Waaree Renewable Share: क्वार्टर 1 में मुनाफे में **34%** का उछाल, रेवेन्यू भी **53%** बढ़ा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Waaree Renewable Share: क्वार्टर 1 में मुनाफे में **34%** का उछाल, रेवेन्यू भी **53%** बढ़ा

Waaree Renewable Technologies ने जून तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **34%** बढ़कर **₹116 करोड़** हो गया है। वहीं, रेवेन्यू में **53%** का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह **₹924 करोड़** पर पहुंच गया। मजबूत ऑपरेशनल डिमांड इस ग्रोथ की मुख्य वजह रही। हालांकि, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।

Detailed Coverage

Waaree Renewable का दमदार प्रदर्शन

Waaree Renewable Technologies ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹116 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹86 करोड़ की तुलना में 34% ज्यादा है। कंपनी की आय (Revenue) में भी 53% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹603 करोड़ से बढ़कर ₹924 करोड़ पर पहुंच गई।

EBITDA और मार्जिन पर एक नजर

कंपनी का ऑपरेशनल प्रॉफिट, जिसे EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) भी कहते हैं, 48% बढ़कर ₹173 करोड़ हो गया। टॉप-लाइन ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, लेकिन EBITDA मार्जिन में थोड़ी कमी आई है। यह पिछले साल की जून तिमाही के 19.5% से घटकर 18.8% हो गया। इस गिरावट से संकेत मिलता है कि कंपनी तेजी से विस्तार तो कर रही है, लेकिन इसके साथ जुड़े बढ़ते खर्चों का प्रबंधन भी कर रही है।

शेयर की चाल और बाजार में स्थिति

Waaree Renewable Technologies की मार्केट कैप करीब ₹10,636 करोड़ है। पिछले 12 महीनों में स्टॉक की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो ₹780 के 52-हफ्ते के निचले स्तर और ₹1,358.50 के 52-हफ्ते के ऊपरी स्तर के बीच रहा। हालिया ट्रेडिंग सेशन में, शेयर की कीमत 0.51% की मामूली बढ़त के साथ ₹1,019.35 पर बंद हुई। यह कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) स्पेस में एक अहम खिलाड़ी बनी हुई है।

आगे क्या देखना होगा?

बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी अपने बढ़ते ऑर्डर बुक को पूरा करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। भारत में सरकार की हरित ऊर्जा पहलों के चलते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर लगातार बढ़ रहा है, और बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए प्रतिस्पर्धा भी कड़ी है। कंपनी की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन टाइमलाइन, मौजूदा ऑर्डर बैकलॉग की स्थिति और कच्चे माल की कीमतों के उतार-चढ़ाव को संभालने की क्षमता, भविष्य की वित्तीय स्थिरता को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.