US Customs and Border Protection (CBP) ने Waaree Energies पर 2024 के सोलर मॉड्यूल शिपमेंट को लेकर ड्यूटी चोरी (Duty Evasion) का फैसला बरकरार रखा है। इस कानूनी पचड़े से बचने के लिए कंपनी ने अपने ऑर्डर बुक से **3 GW** के निर्यात ऑर्डर हटा दिए हैं।
अमेरिकी अथॉरिटीज की सख्ती के बाद Waaree Energies ने अपने एक्सपोर्ट बिजनेस में बड़ा बदलाव किया है। 29 अक्टूबर, 2026 को US कस्टम्स ने EAPA केस नंबर 8163 में कंपनी के खिलाफ ड्यूटी चोरी की पुष्टि की है, जो 2024 में अमेरिका भेजे गए सोलर मॉड्यूल्स से जुड़ा है।
रिस्क मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजी
अमेरिका में सोलर इंपोर्ट्स पर बढ़ती रेगुलेटरी जांच को देखते हुए कंपनी ने एहतियात बरतते हुए 3 GW के ऑर्डर को अपनी बुक से बाहर कर दिया है। मैनेजमेंट का कहना है कि अनिश्चित ट्रेड पॉलिसी के बीच इन ऑर्डर्स को पूरा करने में बड़ा जोखिम था। कंपनी अब अपना ध्यान अमेरिका में ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर लगा रही है, जो इस फाइनेंशियल ईयर के अंत तक 4.8 GW तक पहुंचने की उम्मीद है।
क्या असर होगा फाइनेंशियल हेल्थ पर?
राहत की बात यह है कि कंपनी ने इस कानूनी विवाद से जुड़ी संभावित देनदारियों के लिए Ind AS 37 के तहत पहले ही प्रोविजनिंग कर रखी है। इसलिए, कंपनी का दावा है कि बैलेंस शीट पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। Waaree Energies के पास 30 दिन का समय है, जिसमें वह US Court of International Trade में इस फैसले को चुनौती दे सकती है। निवेशकों को अब इस कानूनी लड़ाई के नतीजों और कंपनी की अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की परफॉरमेंस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
