Waaree Energies अपनी अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार दे रही है। एरिज़ोना प्लांट की क्षमता बढ़ाकर **1.6 GW** की जाएगी, साथ ही भारत में ऑपरेशन्स को सेंट्रलाइज करने की बड़ी योजना बनाई गई है।
अमेरिका में विस्तार और भारत में पुनर्गठन
Waaree Energies ने अपनी ग्लोबल स्ट्रैटेजी के तहत एरिज़ोना स्थित मॉड्यूल प्लांट को अपग्रेड करने के लिए $37 मिलियन के निवेश को मंजूरी दी है। इस विस्तार के बाद वहां प्लांट की कुल क्षमता 1.6 GW हो जाएगी, जिससे अमेरिका में कंपनी का कुल फुटप्रिंट बढ़कर 4.8 GW तक पहुंच जाएगा। वहीं भारत में, कंपनी अपनी कार्यक्षमता (Efficiency) को बेहतर बनाने के लिए टंब और नंदीग्राम की मशीनरी को गुजरात के चिखली स्थित सेंट्रल हब में शिफ्ट कर रही है।
फाइनेंशियल हेल्थ और ऑर्डर बुक
Q1 FY27 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने ₹14.39 बिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) दर्ज किया है, जिसका मार्जिन 18.15% रहा। कंपनी के पास वर्तमान में ₹61,500 करोड़ की विशाल ऑर्डर बुक मौजूद है, जो भविष्य की कमाई के लिए एक मजबूत आधार है।
बिजनेस मॉडल में बदलाव
कंपनी अब वर्टिकल इंटीग्रेशन पर जोर दे रही है ताकि थर्ड-पार्टी सप्लायरों पर निर्भरता कम की जा सके। सोलर मॉड्यूल के अलावा, अब कंपनी एनर्जी स्टोरेज और ट्रांसफार्मर इंफ्रास्ट्रक्चर में भी उतर रही है।
हालांकि, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी और डिमांड में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम बरकरार हैं। अमेरिकी विस्तार के लिए लिया गया कर्ज और प्लांट शिफ्टिंग के एग्जीक्यूशन रिस्क पर निवेशकों को खास नजर रखनी होगी।
जरूरी तारीख
शेयरधारकों के लिए 11 सितंबर, 2026 की तारीख अहम है, क्योंकि इसे कंपनी के फाइनल डिविडेंड के लिए 'रिकॉर्ड डेट' तय किया गया है।
