Vedanta Share: वेदांता के शेयर पर संकट! प्लांट ब्लास्ट में कंपनी जिम्मेदार? FIR दर्ज

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Vedanta Share: वेदांता के शेयर पर संकट! प्लांट ब्लास्ट में कंपनी जिम्मेदार? FIR दर्ज
Overview

छत्तीसगढ़ के पॉवर प्लांट में हुए घातक विस्फोट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने जहां अपने पार्टनर NGSL पर सारी जिम्मेदारी डाली थी, वहीं जांच में अब वेदांता और NGSL दोनों को सुरक्षा मानकों का पालन न करने का दोषी पाया गया है। इस हादसे में **25** लोगों की जान गई थी, जिसके बाद अनिल अग्रवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।

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वेदांता के चेयरमैन का NGSL पर आरोप, लेकिन जांच में खुला राज

हाल ही में हुए एक गंभीर प्लांट ब्लास्ट मामले में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने जॉइंट वेंचर पार्टनर NGSL (NTPC GE Power Services Limited) को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया था। उनका कहना था कि प्लांट का ऑपरेशनल कंट्रोल NGSL के पास था। उन्होंने इस घटना को किसी कुशल ड्राइवर पर भरोसा करने जैसा बताया, जिससे यह इशारा मिला कि यह उनके नियंत्रण से बाहर की बात थी।

फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

हालांकि, आधिकारिक जांच ने इस कहानी को पलट दिया है। 14 अप्रैल को हुई इस दर्दनाक घटना का कारण हाई-प्रेशर स्टीम ट्यूब में हुआ विस्फोट था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में अनिल अग्रवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन का जमा होना और अत्यधिक दबाव विस्फोट के मुख्य कारण थे। पुलिस की मानें तो वेदांता और उसके कॉन्ट्रैक्टर NGSL, दोनों ही अहम मशीनों के मेंटेनेंस (Maintenance) और ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स (Operational Standards) का पालन करने में नाकाम रहे।

पीड़ितों के परिवारों को मिला मुआवजा

इस दुखद हादसे के पीड़ितों के परिवारों के लिए वेदांता ने मुआवजे का ऐलान किया है। मृतक के परिवार को ₹35 लाख और घायलों को ₹15 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही, नौकरी का भी सहारा देने की बात कही गई है।

मालिक की जवाबदेही पर सवाल

यह घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि भले ही ऑपरेशनल काम किसी स्पेशलाइज्ड जॉइंट वेंचर को आउटसोर्स किया गया हो, लेकिन आखिर में संपत्ति के मालिक (Asset Owner) की जवाबदेही सबसे ऊपर होती है। NTPC और Tata Power जैसी बड़ी कंपनियां आमतौर पर या तो अपने मजबूत इंटरनल ऑपरेशनल टीम रखती हैं या फिर बाहरी प्रोवाइडर्स पर सख्त निगरानी रखती हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.