पिछले 5 ट्रेडिंग सत्रों में Vedanta Power के शेयरों में **6%** की बढ़त देखी गई है। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब कंपनी ने Q1 FY27 में **₹423 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू **31%** बढ़कर **₹2,607 करोड़** हो गया, लेकिन एक खास खर्चे ने मुनाफे को प्रभावित किया।
Vedanta Power के शेयर क्यों भागे?
Vedanta Power के शेयरों ने पिछले पांच ट्रेडिंग दिनों में से चार में 6% की शानदार तेजी दिखाई है। यह हालिया उछाल इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले महीने Vedanta Limited से डीमर्जर के बाद से स्टॉक में गिरावट का दौर चल रहा था। गुरुवार को, शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹35.82 पर बंद हुआ, जबकि बाजार में मिली-जुली चाल देखी जा रही थी।
तिमाही नतीजे: मिली-जुली तस्वीर
30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में रेवेन्यू में 31% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹2,607 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण बिजली की बिक्री में 38% का इजाफा रहा, जो 5,224 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई।
हालांकि, इस टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी ने तिमाही में ₹423 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। यह नुकसान मुख्य रूप से ₹487 करोड़ के एक खास खर्च (exceptional item) के कारण हुआ, जो पिछली तिमाही के ₹139 करोड़ के मुनाफे के बिल्कुल विपरीत है।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स के लिए कंपनी के ऑपरेशनल अपडेट्स पर नजरें बनी हुई हैं। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसके शक्ति थर्मल पावर प्लांट की 600 MW यूनिट-2 इस फाइनेंशियल ईयर के अंत तक चालू हो जाएगी। यह विस्तार महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा, 74% बिक्री लॉन्ग- और मीडियम-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत होने से रेवेन्यू की विजिबिलिटी बनी हुई है। कंपनी के पास ₹1,130 करोड़ का कैश भी है और CRISIL और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों ने क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है, जो वित्तीय लचीलेपन को बढ़ा सकता है।
टेक्निकल और जोखिम
टेक्निकल मोर्चे पर, बाजार के विश्लेषक अभी भी सतर्क हैं। स्टॉक प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बिकवाली के दबाव की ओर इशारा करता है। ट्रेडर्स ₹37 के पास रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रख रहे हैं, जिसे पार करने पर ही स्टॉक के मौजूदा ट्रेंड में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। नीचे की ओर, ₹30 से ₹33 के सपोर्ट जोन में खरीदारी देखी जा रही है।
निवेशकों को कंपनी से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। नेट लॉस के तत्काल प्रभाव के अलावा, कंपनी को ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें 2026 की शुरुआत में शक्ति प्लांट में एक सुरक्षा घटना भी शामिल है, जिस पर अभी भी जांच चल रही है। कंपनी की लाभप्रदता को वापस लाने की क्षमता, संभावित रेगुलेटरी बाधाओं का प्रबंधन, और बिना किसी और देरी के आगामी क्षमता विस्तार को पूरा करना, आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए मुख्य कारक होंगे।
