Vedanta Power Ltd. ने Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिजली की बिक्री में **38%** का सालाना उछाल दर्ज किया है। कंपनी ने कुल **5,225 मिलियन यूनिट** बिजली बेची। इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय सब्सिडियरी Meenakshi Energy को जाता है, जिसकी बिक्री **245%** बढ़ी है।
Vedanta Power का दमदार प्रदर्शन
Vedanta Ltd. से हाल ही में डीमर्ज (demerge) हुई Vedanta Power Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ज़ोरदार शुरुआत की है। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि में 3,784 मिलियन यूनिट की तुलना में कुल 5,225 मिलियन यूनिट बिजली की बिक्री दर्ज की, जो 38% की शानदार बढ़ोतरी है। इस ग्रोथ की कहानी में सबसे बड़ा योगदान उसकी सब्सिडियरी Meenakshi Energy Ltd. का रहा।
Meenakshi Energy: ग्रोथ का पावरहाउस
Meenakshi Energy की बिजली बिक्री में सालाना आधार पर 245% और पिछली तिमाही की तुलना में 16% का जबरदस्त उछाल देखा गया। इसने कुल बिक्री में 1,350 मिलियन यूनिट का योगदान दिया। यह बड़ी छलांग तब संभव हुई जब कंपनी ने अपने 300 MW के सिंगल यूनिट से क्षमता बढ़ाकर 1,000 MW कर दी। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है कि कंपनी अपनी नई क्षमता का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रही है। अब देखना यह है कि क्या कंपनी इतनी बड़ी क्षमता पर लगातार उच्च बिक्री बनाए रख पाती है।
अन्य प्लांट्स का कैसा रहा हाल?
Meenakshi Energy के अलावा, अन्य प्लांट्स के नतीजे मिले-जुले रहे। Talwandi Sabo Thermal Plant ने पिछले साल के 2,715 मिलियन यूनिट के मुकाबले लगभग स्थिर 2,723 मिलियन यूनिट की बिक्री की। वहीं, Jharsuguda Thermal Plant की बिक्री थोड़ी बढ़कर 687 मिलियन यूनिट हो गई। खास बात यह है कि Jharsuguda प्लांट की प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (PAF) में भारी सुधार हुआ है, जो पिछले साल के 66% से बढ़कर 93% हो गया है। यह बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
Sakti प्लांट में आई दिक्कतें
हालांकि, सभी प्लांट्स पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाए। Sakti Thermal Plant ने 465 मिलियन यूनिट की बिक्री दर्ज की, जो 14 अप्रैल को बॉयलर में आई एक गड़बड़ी के कारण प्रभावित हुई। इस घटना ने बिजली उत्पादन में ऑपरेशनल जोखिमों की याद दिलाई, जहाँ तकनीकी समस्याएं सीधे बिक्री और रेवेन्यू को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों को आगे इस प्लांट के मेंटेनेंस शेड्यूल और ऑपरेशनल स्थिरता पर नजर रखनी होगी।
डीमर्जर का संदर्भ
हाल ही में डीमर्ज हुई कंपनी के तौर पर, Vedanta Power के Q1 FY27 के आंकड़े डीमर्जर से पहले और बाद की अवधि को कवर करते हैं। इसका मतलब है कि पुराने पैरेंट कंपनी की फाइलिंग से सीधे तुलना करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। आगे चलकर, कंपनी एक स्टैंडअलोन पावर बिजनेस के तौर पर रिपोर्ट करेगी, जिससे निवेशकों के लिए इसे एनालाइज करना आसान हो जाएगा।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को सभी थर्मल यूनिट्स, खासकर Sakti प्लांट की अवेलेबिलिटी पर ध्यान देना चाहिए ताकि ऑपरेशनल स्थिरता सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, फ्यूल की लागत और मौजूदा पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत इन बिक्री स्तरों को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता, भविष्य के प्रॉफिट मार्जिन का अनुमान लगाने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
