Vedanta Power Ltd को जून 2026 तिमाही में ₹423 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। ₹487 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्ज ने कंपनी के नतीजों को झटका दिया है। रेवेन्यू में 31% की बढ़ोतरी के बावजूद ऑपरेटिंग मार्जिन गिरकर 11.16% पर आ गए।
Vedanta Power के नतीजे
Vedanta Power Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) में ₹423 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले तिमाही में कंपनी ने ₹139 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था। इस तिमाही के लॉस की मुख्य वजह ₹487 करोड़ का एक्सेप्शनल चार्ज रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹75 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था, जिससे यह नतीजों में बड़ी गिरावट दिखाता है।
रेवेन्यू और मार्जिन पर असर
पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,607 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 31% ज्यादा है। हालांकि, पिछले तिमाही यानी मार्च 2026 की तिमाही के ₹2,684 करोड़ के रेवेन्यू से यह 2.9% कम है।
ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेज, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) पिछले तिमाही के मुकाबले 51% घटकर ₹291 करोड़ रह गया। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी गिरकर 11.16% पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 22.13% था।
पावर सेल्स और ऑपरेशनल अपडेट्स
वित्तीय गिरावट के बावजूद, कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस में सुधार दिखा है। पावर सेल्स में 38% की बढ़ोतरी हुई और यह 5,224 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। कंपनी का बिजनेस मॉडल लॉन्ग-टर्म और मीडियम-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) पर टिका है, जो कुल सेल्स का 74% हिस्सा हैं। इन एग्रीमेंट्स में पंजाब, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों की सरकारी कंपनियों के साथ सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं।
सब्सिडियरी Meenakshi Energy Limited ने ₹112 करोड़ का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA दर्ज किया, जो पावर सेल्स में 16% की बढ़ोतरी से संभव हुआ। यह सब्सिडियरी अब इंपोर्टेड कोल की जगह पूरी तरह डोमेस्टिक कोल पर निर्भर होने की कोशिश कर रही है। वहीं, Talwandi Sabo Thermal Plant की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार हुआ, प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर बढ़कर 86% हो गया।
निवेशकों के लिए खास बातें
29 जुलाई 2026 को ट्रेडिंग बंद होने पर Vedanta Power Ltd के शेयर 0.98% गिरकर ₹35.31 पर बंद हुए। निवेशक अब कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर करने की कोशिशों पर नजर रखेंगे, जो इस तिमाही में दबाव में थे। इसके अलावा, Meenakshi Energy द्वारा 100% डोमेस्टिक कोल पर शिफ्ट होने की प्रगति, बायोमास को-फायरिंग पहलों का लागत पर असर और कंपनी की ₹1,130 करोड़ की कैश पोजीशन बनाए रखने की क्षमता भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
