Vedanta Power ने दूसरी तिमाही में पावर सेल्स में **26%** की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है, जो **5,593 मिलियन यूनिट** तक पहुंच गई है। हालांकि, Sakti Thermal प्लांट में बॉयलर शटडाउन के कारण आई **53%** की गिरावट कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सेल्स की रफ्तार और परफॉर्मेंस
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Vedanta Power ने 5,593 मिलियन यूनिट की पावर सेल्स दर्ज की। इसके साथ ही, चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में कंपनी की कुल सेल्स 10,817 मिलियन यूनिट रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 32% ज्यादा है।
कहाँ से मिला ग्रोथ को सपोर्ट?
इस तेजी के पीछे कंपनी के दो बड़े पावर प्लांट्स का हाथ रहा है। Jharsuguda थर्मल प्लांट की सेल्स में 186% का बड़ा उछाल आया, जिसकी मुख्य वजह प्लांट की अवेलेबिलिटी का पिछले साल के 43% से बढ़कर इस बार 98% पर पहुंचना रहा। वहीं, Meenakshi Energy प्लांट की सेल्स भी 111% के उछाल के साथ 1,470 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई, क्योंकि कंपनी ने अपनी 1,000-MW की पूरी क्षमता का भरपूर उपयोग किया।
चुनौतियां और रिस्क
एक तरफ जहां उत्पादन बढ़ा, वहीं Sakti थर्मल प्लांट में आई तकनीकी दिक्कतों ने चिंता बढ़ा दी है। वहां बॉयलर शटडाउन के चलते सेल्स में 53% की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह घटना दिखाती है कि पावर सेक्टर में तकनीकी खराबी कैसे तुरंत कंपनी के कामकाज को प्रभावित कर सकती है।
फाइनेंशियल हेल्थ पर निवेशकों की नजर
निवेशकों को अब कंपनी की आर्थिक स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। पिछले कुछ क्वार्टर्स में कंपनी को नेट लॉस का सामना करना पड़ा है और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है। कंपनी का 'डेट सर्विस कवरेज रेश्यो' भी संकेत दे रहा है कि फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी अभी सीमित है। अब मार्केट की नजर मैनेजमेंट के उस रुख पर होगी कि वे कर्ज कम करने, कैश फ्लो को स्थिर करने और Sakti प्लांट की तकनीकी दिक्कतों को कैसे सुलझाते हैं।
