Vedanta Limited ने FY26 में अपने राजस्थान ऑपरेशंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट को **$16.4 प्रति बैरल** पर स्थिर रखा है, भले ही कंपनी के उत्पादन में **16%** की गिरावट आई हो।
वित्त वर्ष 2026 के दौरान Vedanta Limited ने राजस्थान स्थित अपने ऑयल फील्ड्स में ऑपरेटिंग कॉस्ट को बड़ी चतुराई से $16.4 प्रति बैरल पर सीमित रखा है। यह उपलब्धि तब हासिल हुई है जब कंपनी का ग्रॉस प्रोडक्शन 103.2 हजार बैरल प्रतिदिन से घटकर 87.2 हजार बैरल प्रतिदिन पर आ गया है।
मार्जिन बचाने की जद्दोजहद
ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री में आमतौर पर उत्पादन घटने से प्रति बैरल लागत बढ़ जाती है क्योंकि लेबर और मेंटेनेंस जैसे फिक्स्ड खर्चों का बोझ कम तेल पर पड़ता है। हालांकि, वेदांता ने डिजिटल ट्विन्स (Digital Twins) और प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स जैसे आधुनिक टूल्स का उपयोग करके ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बरकरार रखा है। इसके अलावा, पॉलिमर और केमिकल्स के बेहतर इस्तेमाल ने भी फालतू खर्चों को कम करने में मदद की है।
उत्पादन घटने का रिस्क
उत्पादन में 16% की गिरावट चिंता का विषय है। कंपनी के राजस्थान फील्ड्स परिपक्व (Mature) हो रहे हैं, ऐसे में नए डिस्कवरी अगर नेचुरल डिप्लीशन रेट की भरपाई नहीं कर पाते हैं, तो रेवेन्यू पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे की रणनीति
इस गिरावट को पाटने के लिए वेदांता ने मंगल (Mangala), भाग्यम (Bhagyam) और ऐश्वर्या (Aishwariya) फील्ड्स के साथ-साथ रागेश्वरी डीप गैस प्रोजेक्ट में 21 इनफिल वेल्स पूरी की हैं। इसके अतिरिक्त, कैंबे (Cambay) और बाड़मेर (Barmer) क्षेत्रों में 9 एक्सप्लोरेशन वेल्स पर भी काम हुआ है। निवेशकों की नजर अब इन नई ड्रिलिंग गतिविधियों के नतीजों पर है कि क्या ये कंपनी के आउटपुट को फिर से पटरी पर ला पाएंगे या नहीं।
