सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
वेदांता लिमिटेड ने यह जानकारी दी है कि उसकी सहायक कंपनी, तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लगभग ₹127 करोड़ का भुगतान करना होगा, जिसमें लेट पेमेंट सरचार्ज भी शामिल है। कोर्ट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और पंजाब स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (PSLDC) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए TSPL पर पावर उपलब्धता की गलत जानकारी देने का आरोप सही ठहराया है।
पेनल्टी (Penalty) फिर से लागू
सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई, 2026 के अपने आदेश में अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) के पिछले फैसले को पलट दिया। इसके साथ ही, पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (PSERC) के मूल आदेश को बहाल कर दिया गया और PSPCL व PSLDC की अपीलों को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने ग्रिड कोड के अनुसार, जनवरी 2017 में पावर की उपलब्धता को गलत बताने के लिए TSPL पर लगाए गए जुर्माने की पुष्टि की।
वेदांता पर वित्तीय असर
वेदांता ने बताया है कि TSPL अब PSPCL को यह पेनल्टी और सरचार्ज देने के लिए उत्तरदायी है। यह वित्तीय देनदारी ऐसे समय में आई है जब TSPL के शेयरों को BSE और NSE पर लिस्ट कराने की तैयारी चल रही है। यह कदम वेदांता लिमिटेड से मर्चेंट पावर बिजनेस के डीमर्जर (Demerger) के बाद उठाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि वेदांता लिमिटेड और TSPL दोनों के कंपनी अधिकारियों ने की है।
