इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बढ़ा रही कीमतें!
असल में, एक्सपोर्ट की कैपेसिटी भले ही 10 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकती हो, लेकिन प्रैक्टिकल तौर पर यह 6 मिलियन बैरल रोजाना के आसपास ही है। कभी-कभी यह 7 मिलियन बैरल तक पहुंच जाता है। लेकिन जहाजों की कमी और महंगी ऑफशोर लाइटरिंग जैसी लॉजिस्टिकल दिक्कतें एक्सपोर्ट की पूरी कैपेसिटी का इस्तेमाल नहीं करने दे रही हैं।
मार्केट में टेंशन और महंगा हो रहा पेट्रोल
इस भारी डिमांड के चलते ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $126 प्रति बैरल के पार चला गया है, जो 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिका में आम लोगों को भी पेट्रोल-डीजल (Gasoline) के बढ़ते दामों का सामना करना पड़ रहा है। 3 मई, 2026 तक, आम पेट्रोल की कीमत $4.446 तक पहुंच गई थी, जिससे महंगाई और बढ़ी है।
स्टॉक में भारी गिरावट, प्रोडक्शन पर भी असर
लगातार रिकॉर्ड एक्सपोर्ट की वजह से अमेरिका के कच्चे तेल का स्टॉक (Stock) तेजी से घटा है। पिछले चार हफ्तों में स्टॉक 5.2 करोड़ बैरल तक गिर गया है। एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) का अनुमान है कि 2026 में अमेरिका का क्रूड ऑयल प्रोडक्शन थोड़ा घटकर 13.5 मिलियन बैरल प्रति दिन रह सकता है।
बड़ी कंपनियों पर दबाव
इस मुश्किल भरे बाजार में ExxonMobil, Chevron और ConocoPhillips जैसी बड़ी तेल कंपनियों को भी भारी दबाव झेलना पड़ रहा है। इन कंपनियों का वैल्यूएशन (Valuation) निवेशकों के सेंटिमेंट को दर्शाता है: ExxonMobil का P/E लगभग 22.1-25.76, Chevron का 28.5-33.08, और ConocoPhillips का 19.5-20.95 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
'एनर्जी डोमिनेंस' की सच्चाई
यह 'एनर्जी डोमिनेंस' (Energy Dominance) यानी ऊर्जा में प्रभुत्व की स्थिति फिलहाल टिकाऊ नहीं दिख रही है। घरेलू स्टॉक का इस तरह खाली होना भविष्य की सप्लाई दिक्कतों के सामने अमेरिका को कमजोर बना देता है। साथ ही, फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं एक्सपोर्ट वॉल्यूम को सीमित करती हैं। ऐसे में, विदेशी नीति के लिए तेल का इस्तेमाल करने और घरेलू कीमतों को बढ़ने देने के बीच एक बड़ी दुविधा पैदा हो गई है, जो राजनीतिक जोखिम भी बढ़ाती है। एनर्जी एग्जीक्यूटिव्स का कहना है कि 'अराजकता' (Chaos) और अप्रत्याशित एडमिनिस्ट्रेटिव नीतियां बिजनेस ऑपरेशंस में भारी रुकावटें डाल रही हैं।
आगे क्या?
जब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सप्लाई की दिक्कतें बनी रहेंगी, तब तक कीमतों में अस्थिरता और सप्लाई टाइटनेस (Supply Tightness) जारी रहने की उम्मीद है। EIA का अनुमान है कि 2027 में ब्रेंट क्रूड का औसत दाम $76 प्रति बैरल रह सकता है।
