Pakistan LNG Project: अमेरिका के नेतृत्व में **$4.4 बिलियन** का बड़ा दांव, क्या ये ऊर्जा प्रोजेक्ट बदल पाएगा तस्वीर?

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Pakistan LNG Project: अमेरिका के नेतृत्व में **$4.4 बिलियन** का बड़ा दांव, क्या ये ऊर्जा प्रोजेक्ट बदल पाएगा तस्वीर?

Global Vision Energy Partners और Khanjee Holdings का एक कंसोर्टियम पाकिस्तान के पोर्ट कासिम में **$4.4 बिलियन** के LNG टर्मिनल और पाइपलाइन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव लेकर आया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद सरकारी गारंटी के बजाय प्राइवेट 'मर्चेंट-बेस्ड' मॉडल को बढ़ावा देना है।

एक अमेरिकी समर्थित कंसोर्टियम ने पाकिस्तान के पोर्ट कासिम में $4.4 बिलियन के एक इंटीग्रेटेड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दिया है। इस ग्रुप में Global Vision Energy Partners, Khanjee Holdings और लक्जमबर्ग की General Mediterranean Holding शामिल हैं। इसका लक्ष्य एक स्थायी स्टोरेज और रिगैसिफिकेशन फैसिलिटी बनाना है ताकि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग शेड्यूल पर निर्भरता कम हो सके।

दो चरणों में होगा विकास

यह पूरा प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में पोर्ट कासिम में टर्मिनल और स्टोरेज फैसिलिटी बनाई जाएगी, जिसमें $1.7 बिलियन का निवेश होगा। वहीं दूसरे चरण में $2.7 बिलियन की लागत से 1,100 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जाएगा। कंसोर्टियम ने 70% कर्ज और 30% इक्विटी के साथ इसे फंड करने का प्रस्ताव रखा है।

मर्चेंट मॉडल की ओर कदम

यह प्रस्ताव पिछले प्रोजेक्ट्स से अलग है क्योंकि यह 'मर्चेंट आधार' पर काम करेगा। पारंपरिक तौर पर, यहां प्रोजेक्ट्स सरकारी गारंटी और लॉन्ग-टर्म खरीद समझौतों पर चलते रहे हैं। इस नए मॉडल में कंसोर्टियम सीधे इंडस्ट्रियल ग्राहकों के साथ गैस का व्यापार करेगा। हालांकि, इससे मार्केट तो मजबूत होगा, लेकिन मांग और प्राइसिंग का पूरा रिस्क सरकारी के बजाय अब डेवलपर्स पर होगा।

रास्ते में चुनौतियां

प्रोजेक्ट को पोर्ट कासिम अथॉरिटी से साइट मंजूरी मिल चुकी है और Oil and Gas Regulatory Authority में लाइसेंस के लिए आवेदन दिया गया है। फंडिंग के लिए अमेरिकी एजेंसियों जैसे US Trade and Development Agency और Export-Import Bank से बातचीत चल रही है।

हालांकि, निवेशकों की नजरें इस पर बनी हुई हैं क्योंकि फिलहाल प्रोजेक्ट के पास कोई पक्का वित्तीय कमिटमेंट (Binding Financial Commitment) नहीं है। पाकिस्तान में पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स रेगुलेटरी दिक्कतों और पॉलिसी बदलावों के कारण फेल हो चुके हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट की सफलता पूरी तरह से डेवलपर की रिस्क मैनेजमेंट क्षमता और पक्के वित्तीय समझौतों पर टिकी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.