अमेरिकी सरकार ने Trans Alaska Pipeline के ऑपरेटिंग परमिट को **30** साल के लिए बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि 2034 में खत्म होने वाले इस परमिट को अभी से रिन्यू करने की कोशिशों के बीच एनवायर्नमेंटल कानूनी विवाद और टैक्स के मुद्दे निवेशकों के लिए रिस्क बने हुए हैं।
अमेरिकी सरकार ने Trans Alaska Pipeline System (TAPS) के फेडरल परमिट को 30 साल के लिए बढ़ाने के लिए 15 दिनों का एक तेज-तर्रार पब्लिक रिव्यू शुरू किया है। 26 अगस्त, 2026 को शुरू हुई यह प्रक्रिया 10 सितंबर, 2026 तक चलेगी। साल 2034 में मौजूदा परमिट खत्म होने से सात साल पहले ही इस आवेदन का मकसद ऑपरेटरों को लॉन्ग-टर्म रेगुलेटरी निश्चितता प्रदान करना है।
एनर्जी दिग्गजों के लिए रणनीतिक अहमियत
TAPS अलास्का में एनर्जी ट्रांसपोर्ट की मुख्य धमनियों में से एक है, जो 2025 तक लगभग 463,000 बैरल तेल प्रतिदिन ढो रही है। इसका संचालन Alyeska Pipeline Service Company करती है, जिसमें Harvest Alaska, ConocoPhillips और ExxonMobil जैसी बड़ी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के लिए यह पाइपलाइन आर्कटिक प्रोडक्शन साइट्स को Valdez Marine Terminal से जोड़ने का एकमात्र जरिया है।
रेगुलेटरी और पर्यावरणीय मुश्किलें
इस 'फास्ट-ट्रैक' रिन्यूअल प्रक्रिया पर पर्यावरण समूहों ने नाराजगी जताई है। आलोचकों का तर्क है कि 15 दिन का रिव्यू समय बहुत कम है और यह व्यापक पर्यावरणीय प्रभाव के आकलन को नजरअंदाज करता है। आर्कटिक की पिघलती परमाफ्रॉस्ट (Permafrost) पर बनी पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल आगे चलकर कानूनी बाधाएं पैदा कर सकते हैं, जिससे अप्रूवल में देरी हो सकती है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल जोखिम
रेगुलेटरी दबावों के अलावा, यह प्रोजेक्ट अलास्का की स्थानीय नगर पालिकाओं के साथ टैक्स विवाद में भी फंसा हुआ है। यह कानूनी लड़ाई कोर्ट में चल रही है और इसमें शामिल संभावित टैक्स देनदारियां प्रोजेक्ट के रिटर्न पर बुरा असर डाल सकती हैं। इसके अलावा, कठोर जलवायु में पुरानी हो रही इंफ्रास्ट्रक्चर को मेंटेन करने की लागत भी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। निवेशकों को 10 सितंबर के बाद आने वाले अपडेट्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
