US Solar Tariff: भारतीय सोलर कंपनियों पर बड़ा संकट, US ने लगाया **249%** का भारी टैक्स

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
US Solar Tariff: भारतीय सोलर कंपनियों पर बड़ा संकट, US ने लगाया **249%** का भारी टैक्स

अमेरिका के कॉमर्स डिपार्टमेंट ने भारत से आयात होने वाले सोलर सेल्स पर कुल **249%** की एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) फाइनल कर दी है। यह फैसला भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

अमेरिकी सरकार ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले क्रिस्टलीय सिलिकॉन फोटोवोल्टिक सेल्स पर कड़ी व्यापारिक बाधाएं खड़ी कर दी हैं। भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए यह ड्यूटी स्ट्रक्चर करीब 249.13% तय किया गया है, जिसमें 123.04% की एंटी-डंपिंग मार्जिन और 126.09% की काउंटरवेलिंग ड्यूटी शामिल है। यह कदम 'अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड' की उस शिकायत के बाद उठाया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इन देशों की कंपनियां सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाकर अमेरिकी बाजार में सस्ते सामान डंप कर रही हैं।

एक्सपोर्टर्स पर आर्थिक मार

जो भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार पर ज्यादा निर्भर हैं, उनके लिए यह एक बड़ा बिजनेस चैलेंज है। इतने ऊंचे टैरिफ के कारण प्रोडक्ट्स की कीमत बाजार में प्रतिस्पर्धी रखना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। अगर कंपनियां इस अतिरिक्त लागत का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो उनके ऑपरेटिंग मार्जिन पर जबरदस्त दबाव देखने को मिलेगा। अब इन कंपनियों को अपनी रेवेन्यू बचाने के लिए या तो नए मार्केट तलाशने होंगे या घरेलू डिमांड पर फोकस बढ़ाना होगा।

अब नजरें 'USITC' के फैसले पर

हालांकि कॉमर्स डिपार्टमेंट ने ड्यूटी दरें तय कर दी हैं, लेकिन यह अभी अंतिम नहीं है। अंतिम मुहर US इंटरनेशनल ट्रेड कमिशन (USITC) को लगानी है। कमिशन यह तय करेगा कि क्या भारत, इंडोनेशिया और लाओस के इम्पोर्ट से अमेरिकी सोलर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा है।

इसका फाइनल वोट 14 अक्टूबर, 2026 को होना है। अगर USITC घरेलू इंडस्ट्री के पक्ष में फैसला देती है, तो ड्यूटी नवंबर 2026 से प्रभावी हो जाएगी। वहीं, अगर फैसला निगेटिव रहता है, तो पूरी जांच बंद हो जाएगी और ये ड्यूटीज नहीं लगेंगी।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों को अब मुख्य रूप से भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी होगी। 14 अक्टूबर का USITC वोट सबसे बड़ा 'ट्रिगर पॉइंट' है। इसके बाद कंपनियों की स्ट्रैटेजी और उनके प्रोडक्शन पर क्या असर पड़ेगा, यह उनके अगले क्वार्टरली रिजल्ट्स और ऑफिशियल फाइलिंग्स से स्पष्ट हो पाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.