अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'General License 135' के तहत रूसी डीजल के इंपोर्ट पर लगी पाबंदियों को **7 अप्रैल 2027** तक के लिए हटा दिया है। इसका मकसद मिड-टर्म इलेक्शन से पहले घरेलू फ्यूल कीमतों को काबू में रखना है, हालांकि एनालिस्ट्स इसे बाजार के लिए नाकाफी मान रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घरेलू स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 'General License 135' के जारी होने से रूस से डीजल का आयात अब अमेरिका में शुरू हो सकेगा। यह अस्थायी छूट 7 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहेगी, ताकि ट्रांसपोर्ट सेक्टर, किसानों और आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिल सके।
क्या इससे सच में सस्ता होगा डीजल?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती दौर में 3,00,000 टन यानी करीब 22.5 लाख बैरल डीजल आने की उम्मीद है। लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स इसे एक 'ऊंट के मुंह में जीरा' मान रहे हैं। अमेरिका में रोजाना डीजल की खपत करीब 29.4 लाख बैरल है, जिसका मतलब है कि यह इंपोर्ट एक दिन की जरूरत भी पूरी नहीं कर पाएगा। ऐसे में पंप प्राइसेस में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम ही नजर आती है।
चुनौतियां और जियोपॉलिटिकल रिस्क
रूस का प्लान है कि नवंबर में शिपमेंट बढ़ाकर 5,00,000 टन और आगे चलकर 10 लाख टन तक ले जाए, लेकिन इसकी राह आसान नहीं है। रूसी रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सैन्य हमलों का असर पड़ सकता है। इसके अलावा, रूसी माल ढोने वाले टैंकरों की ग्लोबल कमी भी एक बड़ी लॉजिस्टिक्स बाधा बनी हुई है।
निवेशकों के लिए संकेत
यह फैसला विवादों में भी है। आलोचकों का कहना है कि इससे यूक्रेन युद्ध के बीच रूस को आर्थिक मजबूती मिल सकती है। निवेशकों के लिए अब अगले कुछ हफ्तों में अमेरिकी पोर्ट्स पर पहुँचने वाली फ्यूल की वास्तविक मात्रा और इस पर होने वाली कानूनी या कांग्रेसनल बहस पर नजर रखना बेहद जरूरी है। मिडल ईस्ट में सप्लाई में दिक्कत और चीन के घटते एक्सपोर्ट को देखते हुए ग्लोबल एनर्जी मार्केट में वोलैटिलिटी (Volatility) फिलहाल बनी रहने की संभावना है।
