Nabha Power के अधिग्रहण से थर्मल क्षमता में बढ़ोतरी
Torrent Power, Nabha Power के 1,400 MW क्षमता वाले कोल-फायर्ड एसेट को लगभग ₹6,900 करोड़ में खरीद रही है। इस सौदे को भारत के कॉम्पिटिशन रेगुलेटर से मंजूरी मिल गई है। कंपनी का लक्ष्य अपनी थर्मल जनरेशन क्षमता को बढ़ाना और Nabha Power के पंजाब स्टेट यूटिलिटी के साथ 25-साल के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के जरिए लंबी अवधि का रेवेन्यू सुरक्षित करना है। इस विस्तार के लिए ₹4,000 करोड़ का बॉन्ड इश्यू, Torrent Power द्वारा अब तक का सबसे बड़ा डेट ऑफरिंग है, जो अधिग्रहण के लिए कंपनी के डेट मार्केट पर भरोसे को दर्शाता है।
वैल्यूएशन चिंताएं और एनालिस्ट्स की राय
Torrent Power का शेयर ₹1,700 से ₹1,770 के बीच कारोबार कर रहा है, जिसकी मार्केट कैप लगभग ₹88,000 करोड़ है। कंपनी का वैल्यूएशन (trailing P/E ratio 27.3x से 32.1x) 'ग्रोथ स्टॉक' की श्रेणी में आता है, लेकिन यह ऐतिहासिक औसत और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 'महंगा' माना जा रहा है। इसी वजह से अप्रैल 2026 के अंत में कुछ एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग को घटाकर 'Hold' कर दिया था। कंपनी का प्राइस-टू-बुक रेशियो लगभग 4.3x से 4.65x है, और हाल ही में ROCE घटकर 14.21% पर आ गया है, जो कि हाल के समय का सबसे निचला स्तर है। मजबूत ऐतिहासिक रिटर्न के बावजूद, हालिया तिमाही नतीजों में प्रदर्शन सपाट रहा है। Crisil और India Ratings द्वारा AA+ रेट किए गए ₹4,000 करोड़ के बॉन्ड इश्यू से Torrent की ऑपरेशनल क्षमता 6.4 GW तक बढ़ जाएगी। यह मार्च 2026 में 7.97% कूपन पर जारी ₹2,000 करोड़ के डेट सेल के बाद आया है, जो विस्तार के लिए डेट का इस्तेमाल करने की Torrent की रणनीति को दिखाता है।
एनर्जी ट्रांज़िशन के विपरीत रणनीति?
Torrent Power की थर्मल क्षमता को बढ़ाने की रणनीति, एनर्जी ट्रांज़िशन के व्यापक चलन के विपरीत है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म बेहतर मार्जिन और कैपिटल तक आसान पहुंच दिखा रहे हैं। भारत की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ, Tata Power जैसी कंपनियां भी रिन्यूएबल एनर्जी में डायवर्सिफाई कर रही हैं। भारत का कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट बढ़ रहा है, लेकिन पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का इसमें दबदबा है। Torrent का ₹4,000 करोड़ का बॉन्ड इश्यू अब तक का सबसे बड़ा डेट ऑफर है और फाइनेंशियल ईयर का पहला अधिग्रहण-फंडेड इश्यू है। यह इस ट्रेंड को दर्शाता है कि कंपनियां बड़े फंडिग जरूरतों के लिए बैंक लोन से दूर जा रही हैं। इस प्रस्तावित बॉन्ड का मकसद म्यूचुअल फंड जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को आकर्षित करना है, जिससे बरोइंग कॉस्ट को ऑप्टिमाइज़ किया जा सके। ऐतिहासिक रूप से, Torrent Power के स्टॉक ने अधिग्रहण की खबरों पर शुरुआत में सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई है, लेकिन बाद में फंडिग और एग्जीक्यूशन की डिटेल्स सामने आने पर कंसॉलिडेशन देखने को मिला है।
लीवरेज और वैल्यूएशन पर एनालिस्ट्स की चिंता
Torrent Power का आक्रामक विस्तार कंपनी के स्केल को तो बढ़ाता है, लेकिन लीवरेज (कर्ज) की चिंताएं भी बढ़ाता है। सितंबर 2025 तक Torrent Power का नेट डेट लगभग ₹83.5 बिलियन था, और पिछले बारह महीनों में इसका EBIT 2.9% गिर गया है। 'Hold' रेटिंग पर हालिया डाउनग्रेड के पीछे वैल्यूएशन की चिंताएं हैं, जिनमें महंगे P/E मल्टीपल्स और सपाट वित्तीय नतीजे शामिल हैं। एनालिस्ट्स का औसत प्राइस टारगेट लगभग ₹1,422 है, जो मौजूदा स्तरों से 18% से अधिक की संभावित गिरावट का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि स्टॉक उम्मीदों से ज्यादा महंगा है और गलती की गुंजाइश कम है। इसके अलावा, एनर्जी ट्रांज़िशन रिन्यूएबल को फायदा पहुंचाता है, Torrent का कोल-फायर्ड पावर में निवेश लंबी अवधि की चुनौतियों और संभावित रेगुलेटरी बदलावों का सामना कर सकता है।
