Torrent Power के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबरें आई हैं। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे आए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट में **13%** की गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर **₹639 करोड़** रह गया है। हालांकि, कंपनी की आय (Revenue) **2.9%** बढ़कर **₹8,124 करोड़** हो गई है।
घाटे का कारण: जेनरेशन सेगमेंट पर दबाव
Torrent Power के मुनाफे में आई गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का जेनरेशन बिजनेस रहा है। गैस और कोयले पर आधारित थर्मल पावर प्लांट्स के रेवेन्यू में इस तिमाही 31% की बड़ी गिरावट आई है। कंपनी ने बताया कि भू-राजनीतिक कारणों से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई में आई दिक्कतों ने गैस-आधारित प्लांट्स के संचालन पर गहरा असर डाला है। इस वजह से उत्पादन और एफिशिएंसी बनाए रखना मुश्किल हो गया।
उम्मीद की किरण: डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी
जहां जेनरेशन सेगमेंट संघर्ष करता दिखा, वहीं कंपनी के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) बिजनेस ने अच्छा प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू में 11% का इजाफा हुआ, जो कि लाइसेंस वाले डिस्ट्रीब्यूशन एरियाज और फ्रेंचाइजी ऑपरेशंस की स्थिर परफॉर्मेंस को दर्शाता है। इसके अलावा, रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट ने भी रेवेन्यू में 18% की वृद्धि दर्ज की, जो कंपनी के विंड और सोलर पावर एसेट्स की ओर रणनीतिक बदलाव को दिखाता है।
Nabha Power अधिग्रहण का असर
इसी तिमाही में Torrent Power ने L&T Power Development से Nabha Power का अधिग्रहण पूरा किया, जिसकी डील ₹3,632.35 करोड़ में हुई। 25 जून, 2026 को पूरा हुआ यह अधिग्रहण पंजाब में स्थित 1,400 MW (2x700 MW) का कोल-आधारित सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट है। अधिग्रहण के बाद कुछ ही दिनों में Nabha Power ने ₹68.64 करोड़ का रेवेन्यू और ₹7.62 करोड़ का मुनाफा जोड़ा। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि यह नया प्लांट पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन के साथ कंपनी के लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) में कैसे योगदान देता है और आने वाली तिमाहियों में कंपनी के डेट प्रोफाइल पर इसका क्या असर पड़ता है।
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के EBITDA में मामूली 2% की ग्रोथ देखी गई। यह मुख्य रूप से डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल सेगमेंट्स के मजबूत प्रदर्शन के कारण हुआ, जिन्होंने क्रमशः 10% और 6% EBITDA ग्रोथ दर्ज की। भविष्य में कंपनी का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह जेनरेशन सेगमेंट में फ्यूल सप्लाई के जोखिमों का प्रबंधन कैसे करती है, अपने रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को कैसे बढ़ाती है, और नए अधिग्रहित थर्मल एसेट्स को कितनी अच्छी तरह एकीकृत करती है।
