Torrent Power ने अपने **3,000 MW** के कर्जत पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर उठ रही पर्यावरण संबंधी चिंताओं को खारिज कर दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह साइट भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी से **16 किलोमीटर** दूर है और प्रोजेक्ट के पास सभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां मौजूद हैं।
आरोपों पर कंपनी का रुख
Torrent Power ने महाराष्ट्र के कर्जत में स्थित अपने 3,000 मेगावाट के पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। कंपनी ने साफ तौर पर कहा है कि यह साइट भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के किसी भी इको-सेंसिटिव जोन में नहीं आती है। अवैध कटाई के दावों को खारिज करते हुए कंपनी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट ने 18 महीने की लंबी स्टैच्यूटरी रिव्यू प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) और फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी (FAC) से सभी जरूरी क्लियरेंस हासिल कर चुका है। पावर सेक्टर के जानकारों के अनुसार, यह प्लांट एक विशाल बैटरी की तरह काम करेगा, जो दिन के समय पैदा हुई एक्स्ट्रा सोलर और विंड एनर्जी को स्टोर करेगा और पीक ऑवर्स में बिजली की भारी मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
पर्यावरणीय और रणनीतिक लाभ
कंपनी के अनुमान के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट सालाना 6,570 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करेगा। इससे हर साल 4.33 मिलियन टन कोयले की खपत कम होगी और करीब 5.85 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोकने में मदद मिलेगी। पर्यावरण की भरपाई के लिए कंपनी 60,000 पेड़ साइट पर और 30,000 पेड़ 253 हेक्टेयर की अलग जमीन पर लगाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?
कंपनी ने दावा किया है कि इस प्रोजेक्ट के 10 दिन चलने के बाद ही कंस्ट्रक्शन के दौरान हुए कार्बन फुटप्रिंट की भरपाई हो जाएगी। यह सुविधा ग्रिड को 80 साल तक सपोर्ट करने के लिए डिजाइन की गई है। हालांकि, ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर स्थानीय विरोध या कानूनी अड़चनें समय और लागत पर असर डाल सकती हैं, इसलिए निवेशकों को इस पर अपनी नजर बनाए रखनी होगी।
