Tata Power के रूफटॉप सोलर डिवीजन ने **5 लाख** इंस्टॉलेशन का बड़ा माइलस्टोन हासिल कर लिया है। कंपनी ने इस सेक्टर में **14%** मार्केट शेयर पर कब्जा जमा लिया है और ग्राहकों को **₹8,500 करोड़** की फाइनेंसिंग भी मुहैया कराई है। हालांकि, **2029** तक **30 लाख** इंस्टॉलेशन के लक्ष्य को देखते हुए निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज और खर्चों पर नजर रखनी चाहिए।
बाजार में मजबूती और बढ़ता नेटवर्क
31 जुलाई, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Tata Power Renewable Energy Limited की शाखा 'Tata Power Solaroof' ने 5,19,673 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का आंकड़ा छू लिया है। यह ग्रोथ 700 से ज्यादा चैनल पार्टनर्स और 250 ऑथराइज्ड सर्विस प्रोवाइडर्स के मजबूत नेटवर्क की बदौलत संभव हो पाई है।
फाइनेंसिंग का सहारा
कंपनी ने सोलर अपनाने की राह में आने वाली सबसे बड़ी बाधा यानी 'अपफ्रंट कॉस्ट' को कम करने के लिए 25 से अधिक फाइनेंशियल संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इसके जरिए कंपनी ने अब तक ₹8,500 करोड़ से ज्यादा की फाइनेंसिंग सुविधा ग्राहकों तक पहुंचाई है, जो 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के लक्ष्यों को गति दे रही है।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
कंपनी का विस्तार भले ही तेज हो, लेकिन फाइनेंशियल रिपोर्ट कार्ड पर नजर डालना जरूरी है। FY2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹1,176 करोड़ रहा है। हालांकि, पैरेंट कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 168.1% है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इसके अलावा, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और रेगुलेटरी बदलाव भी मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, स्टॉक अपने बुक वैल्यू के 2.96 गुना पर ट्रेड कर रहा है।
आगे क्या?
कंपनी ने 2029 तक 30 लाख इंस्टॉलेशन का बड़ा लक्ष्य रखा है। निवेशकों के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाते हुए इतनी बड़ी पूंजी का प्रबंधन कर पाएगी। भविष्य में कंपनी के कर्ज प्रबंधन और सरकारी पॉलिसी में होने वाले बदलाव ही स्टॉक की चाल तय करेंगे।
