Tata Power Share: कानूनी झटके से लुढ़का शेयर, सोलर प्लांट शुरू होने के बाद भी दिखी कमजोरी

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Tata Power Share: कानूनी झटके से लुढ़का शेयर, सोलर प्लांट शुरू होने के बाद भी दिखी कमजोरी

राजस्थान में नया सोलर प्रोजेक्ट शुरू करने के बावजूद Tata Power के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी को सिंगापुर की अदालत से **$490 मिलियन** के आर्बिट्रेशन मामले में बड़ा झटका लगा है, जिसके चलते शेयर **4%** से ज्यादा टूट गए।

कानूनी मोर्चे पर बड़ी चुनौती

Tata Power Renewable Energy Limited (TPREL) के लिए एक तरफ जहां कामकाज का विस्तार जारी है, वहीं दूसरी ओर सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट के फैसले ने कंपनी की राह मुश्किल कर दी है। कोर्ट ने $490 मिलियन के आर्बिट्रेशन अवार्ड के खिलाफ कंपनी की चुनौती को खारिज कर दिया है। फिलहाल कंपनी के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 28 दिन की समयसीमा है, जिसे लेकर मैनेजमेंट अपनी रणनीति तैयार कर रहा है।

राजस्थान में ग्रीन एनर्जी का नया पड़ाव

कानूनी मुश्किलों के बीच कंपनी ने बीकानेर, राजस्थान में 72.5 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह प्रोजेक्ट Tata Steel के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। इस प्लांट से सालाना 166 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी, जिससे हर साल लगभग 118,856 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। इसमें TP Solar Limited द्वारा निर्मित 171,360 सोलर मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।

बढ़ती क्षमता और फाइनेंशियल स्थिति

इस नए प्रोजेक्ट के साथ TPREL की ऑपरेशनल रिन्यूएबल कैपेसिटी अब 7 गीगावाट तक पहुंच गई है। इसके अलावा, कंपनी के पास 5.3 गीगावाट के प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। वित्तीय मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹1,176 करोड़ रहा है और EBITDA मार्जिन 21.06% पर स्थिर है।

अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी कानूनी लड़ाई को कैसे सुलझाती है और क्या इसका असर कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं पर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.