Tata Power के CEO डॉ. प्रवीर सिन्हा ने 24/7 क्लीन एनर्जी के लिए एक आक्रामक रणनीति का ऐलान किया है। कंपनी बड़े स्तर पर क्षमता विस्तार कर रही है, लेकिन भारी निवेश के दबाव के चलते स्टॉक आज अपने 52-वीक निचले स्तर पर लुढ़क गया है।
ग्रीन एनर्जी का बदलता मॉडल
Tata Power अब केवल सोलर और विंड पर निर्भर रहने के बजाय 24/7 क्लीन एनर्जी की ओर शिफ्ट हो रही है। CEO डॉ. प्रवीर सिन्हा की नई रणनीति के तहत बैटरी स्टोरेज और पंप हाइड्रो प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है, ताकि इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स को लगातार पावर सप्लाई दी जा सके।
मैन्युफैक्चरिंग में तेजी और विस्तार
अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए कंपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही है। फिस्कल ईयर 2027 की पहली छमाही में, कंपनी की यूनिट TP Solar ने 2 GW सोलर मॉड्यूल और 1.8 GW सोलर सेल का प्रोडक्शन हासिल किया है। इसके अलावा, कंपनी ने नॉर्वे की Ocean Sun के साथ मिलकर महाराष्ट्र के मुलशी रिजर्वायर में फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया है।
बाजार का मिजाज और फाइनेंशियल रिस्क
रणनीतिक बदलाव के बावजूद बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। 8 अक्टूबर, 2026 को कंपनी का शेयर ₹335.60 के 52-वीक लो पर कारोबार कर रहा है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सेक्टर में बढ़ती अस्थिरता का असर स्टॉक पर साफ दिख रहा है।
कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो फिलहाल 1.93 है। ग्रीन एनर्जी के इन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भारी कैपिटल की जरूरत है, जिससे कंपनी के बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह देखना होगा कि कंपनी इतने भारी कर्ज के साथ अपनी प्रॉफिट मार्जिन को कैसे मैनेज करती है। आगामी तिमाही नतीजों में यह स्पष्ट हो पाएगा कि कंपनी का यह बड़ा दांव वित्तीय रूप से कितना कारगर साबित होता है।
