प्रॉफिट बढ़ा, पर आमदनी घटी: Tata Power के Q3 नतीजे
Tata Power ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं, और इस बार कंपनी के नेट प्रॉफिट ने बाजार की उम्मीदों को पार कर लिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,194 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से थोड़ा ज़्यादा है और ₹971 करोड़ के स्ट्रीट अनुमानों से काफी बेहतर है।
हालांकि, इस प्रॉफिट बूस्ट के बावजूद, कंपनी की आमदनी (Revenue) में 9.4% की गिरावट आई और यह ₹13,948 करोड़ पर आ गई। EBITDA में भी 9% की कमी देखी गई, जो ₹3,055 करोड़ रहा। फिर भी, EBITDA मार्जिन 21.9% पर स्थिर बना हुआ है।
रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग का दमदार प्रदर्शन
कंपनी के इस बेहतर प्रॉफिट के पीछे मुख्य वजह उसके रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) और मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) सेगमेंट्स का शानदार परफॉरमेंस रहा। Tata Power ने इस तिमाही में 919 MW की यूटिलिटी-स्केल रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स कमीशन कीं और 357 MW की इन-हाउस कैपेसिटी जोड़ी।
मैन्युफैक्चरिंग डिविजन में, कंपनी ने 962 MW सोलर सेल्स और 990 MW मॉड्यूल्स का उत्पादन किया। इससे इस सेगमेंट में रेवेन्यू 26% से ज़्यादा बढ़ा और EBITDA व प्रॉफिट दोगुने से ज़्यादा हो गए। रूफटॉप सोलर (Rooftop Solar) बिजनेस ने पहले नौ महीनों में रिकॉर्ड 1 GWp की क्षमता हासिल की, और EV चार्जिंग नेटवर्क 5,743 पॉइंट्स तक पहुँच गया। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में, कोठेश्वर–ऋषिकेश लाइन को कमीशन किया गया और SJVN के लिए 1 GW का सोलर EPC प्रोजेक्ट डिलीवर किया गया। साथ ही, ओडिशा DISCOMs ने नेट प्रॉफिट में 163% की ज़बरदस्त उछाल दर्ज की।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय और शेयर का भविष्य
4 फरवरी 2026 को Tata Power का शेयर लगभग ₹371 पर बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्म्स (Brokerage Firms) की इस स्टॉक पर राय बंटी हुई है। कंसेंसस टारगेट प्राइस ₹479.50 है, जो 29.61% के अपसाइड (Upside) का संकेत देता है। वहीं, MarketsMojo ने 12 जनवरी 2026 को 'Strong Sell' रेटिंग दी थी, जिसका कारण वैल्यूएशन और गिरते फंडामेंटल्स बताए गए थे। HSBC ने नवंबर 2025 में 'Hold' रेटिंग के साथ टारगेट ₹375 रखा था, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग रैंप-अप की सराहना की गई, लेकिन मुंद्रा प्लांट की प्रॉफिटेबिलिटी जैसी चुनौतियों का भी ज़िक्र था।
चुनौतियों के बीच आगे की राह
Tata Power को थर्मल पावर ऑपरेशन्स, खासकर मुंद्रा प्लांट की प्रॉफिटेबिलिटी (सब्सिडी हटने के बाद) और इंडोनेशियाई कोयला कारोबार में मंदी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत की ऊर्जा खपत बढ़ रही है, और एनर्जी ट्रांज़िशन (Energy Transition) में बड़े निवेश की आवश्यकता है। कंपनी का P/E रेशियो (लगभग 23.33-29.4) प्रतिस्पर्धियों Adani Green Energy (P/E 68.9-108.26) और JSW Energy (P/E 31.04-35.5) से कम है, लेकिन NTPC (P/E 14.01-21.89) से ज़्यादा है।
