रिकॉर्ड मुनाफे पर रेवेन्यू की मार!
Tata Power ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹5,118 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट (PAT) पेश किया है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा सालाना प्रॉफिट है और इसमें पिछले साल की तुलना में 7% की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस दमदार बॉटम-लाइन परफॉरमेंस के बावजूद, कंपनी का कुल रेवेन्यू 1% घटकर ₹63,681 करोड़ पर आ गया।
मुंद्रा प्लांट का शटडाउन बना रेवेन्यू गिरने का कारण
Q4 FY26 में रेवेन्यू में आई यह गिरावट मुख्य रूप से Tata Power के मुंद्रा अल्ट्रा-मेगा पावर प्लांट के 9 महीनों तक बंद रहने की वजह से हुई, जो जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। इसके चलते, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 13% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹14,900 करोड़ पर सिमट गया।
EBITDA में शानदार उछाल, रिन्यूएबल्स की चमक
रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद, कंपनी के ऑपरेशनल एफिशिएंसी और दूसरे बिज़नेस ने कमाल दिखाया। Q4 FY26 में EBITDA 10% बढ़कर ₹4,216 करोड़ पर पहुंच गया। रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट इस बार खास तौर पर चमका, जिसका PAT FY26 में 59% बढ़कर ₹1,994 करोड़ हो गया। कंपनी का कुल रिन्यूएबल पोर्टफोलियो अब 11.6 GW का हो चुका है। सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में भी PAT दोगुना से ज्यादा बढ़कर ₹857 करोड़ पर पहुंच गया। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) बिज़नेस ने भी सालाना PAT में क्रमशः 49% और 84% की मजबूत ग्रोथ दिखाई।
डिविडेंड का ऐलान और एनालिस्ट्स की चिंताएं
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के बाद FY26 के लिए ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव भी रखा है।
इन नतीजों के बीच, एनालिस्ट्स (Analysts) कुछ चिंताओं की ओर भी इशारा कर रहे हैं। कुछ एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन कुछ का मानना है कि मौजूदा स्तरों से ज्यादा अपसाइड (upside) की उम्मीद कम है। इसके अलावा, सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (Singapore International Arbitration Centre) से जुड़ा एक बड़ा लीगल रिस्क (Legal Risk) भी है, जहां कंपनी पर करीब $490.32 मिलियन प्लस इंटरेस्ट का आर्बिट्रेशन अवार्ड (Arbitration Award) बकाया है, जिस पर Tata Power ने अपील की है।
मैनेजमेंट का फोकस: ग्रोथ और एनर्जी ट्रांजिशन
Tata Power के CEO प्रवीण सिन्हा (Praveer Sinha) ने कहा है कि कंपनी लॉन्ग-टर्म वैल्यू बनाने के लिए डिसिप्लिन्ड ग्रोथ, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर ध्यान दे रही है। भारत में बढ़ती बिजली की मांग और एनर्जी ट्रांजिशन (Energy Transition) कंपनी के लिए भविष्य में बड़े अवसर पैदा करते हैं।
