Tata Power पर कानूनी संकट! $650 मिलियन की भारी लायबिलिटी से बढ़ी निवेशकों की चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Power पर कानूनी संकट! $650 मिलियन की भारी लायबिलिटी से बढ़ी निवेशकों की चिंता

Singapore International Commercial Court ने Tata Power की चुनौती को खारिज कर दिया है। इसके चलते कंपनी पर **$490 मिलियन** का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड बकाया है, जो ब्याज जोड़कर कुल **$650 मिलियन (करीब ₹6,100 करोड़)** की देनदारी बन गई है।

कानूनी विवाद की जड़

यह मामला साल 2013 में रूस में शुरू हुई एक परियोजना से जुड़ा है। कंपनी पर गोपनीयता और गैर-परिधि समझौतों (non-circumvention agreements) के उल्लंघन का आरोप है। सिंगापुर की अदालत ने कंपनी की चुनौती को खारिज करते हुए इस आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को बरकरार रखा है। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी ने अब तक अपने बैलेंस शीट में इसके लिए कोई प्रोविजन नहीं बनाया था, क्योंकि मामला कोर्ट में पेंडिंग था।

Capex प्लान पर क्या असर होगा?

टाटा पावर अगले चार वर्षों में ₹1 लाख करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंशन (Capex) प्लान पर काम कर रही है, जिसमें ट्रांसमिशन एसेट्स, पंप हाइड्रो स्टोरेज और पावर कैपेसिटी को बढ़ाना शामिल है। अब यदि कंपनी को यह ₹6,100 करोड़ की राशि चुकानी पड़ती है, तो इससे कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर दबाव पड़ सकता है और ग्रोथ प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है।

आगे की राह

फिलहाल, Tata Power के पास 28 दिन का समय है और वे Singapore Court of Appeal में इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया खत्म होने तक यह लायबिलिटी केवल एक थ्योरेटिकल रिस्क है, लेकिन बाजार की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या कंपनी को इसे अपने बैलेंस शीट में 'अकाउंट' करना पड़ेगा। यदि कोर्ट का फैसला बरकरार रहता है, तो यह कंपनी के कैश फ्लो और लेवरेज रेशियो को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.