Tata Power ने उत्तर प्रदेश में अपने Jalpura-Khurja ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट से **1,000 MVA** की अतिरिक्त क्षमता जुड़ी है, जिससे NCR में बिजली सप्लाई और बेहतर होगी। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में **1.21%** की तेजी दर्ज की गई है।
ग्रिड को मिली नई मजबूती
Tata Power ने उत्तर प्रदेश में 162 किलोमीटर लंबी 400 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और Jalpura में एक नया गैस-इंसुलेटेड सबस्टेशन कमीशन किया है। कंपनी की सब्सिडियरी, TP Jalpura Khurja Power Transmission Limited द्वारा पूरा किया गया यह प्रोजेक्ट अब कुल 7,900 सर्किट किलोमीटर के ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो का हिस्सा बन चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करना है।
मार्केट और फाइनेंशियल स्थिति
इस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की खबर के बाद Tata Power के स्टॉक में 1.21% का उछाल देखा गया। हालांकि, निवेशक कंपनी की ऑपरेशनल ग्रोथ के साथ-साथ उसके कर्ज के स्तर पर भी नजर बनाए हुए हैं। यूटिलिटी सेक्टर की अन्य कंपनियों की तरह, Tata Power पर भी इक्विटी के मुकाबले कर्ज का बोझ अधिक है, जो मार्केट एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बना रहता है।
बड़े रिस्क फैक्टर्स जिन पर रखें नजर
शेयरधारकों को कंपनी के भविष्य पर नजर रखते हुए कुछ जोखिमों को समझना होगा:
- कानूनी विवाद: कंपनी Kleros Capital के साथ चल रही एक आर्बिट्रेशन केस में फंसी है। इसमें करीब $650 मिलियन की संभावित कानूनी देनदारी (ब्याज समेत) का रिस्क बना हुआ है।
- रेगुलेटरी बदलाव: पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) और टैरिफ रिवीजन से जुड़े सरकारी नियमों में बदलाव कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर सीधा असर डाल सकते हैं।
- ऑपरेटिंग मार्जिन: फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रोजेक्ट्स में देरी मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।
आने वाले समय में, निवेशकों को कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और Kleros Capital केस के अपडेट्स पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
