Tamil Nadu Battery Storage: ग्रीन एनर्जी के लिए बड़ा ऐलान, **2.5 GW** स्टोरेज क्षमता का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Tamil Nadu Battery Storage: ग्रीन एनर्जी के लिए बड़ा ऐलान, **2.5 GW** स्टोरेज क्षमता का लक्ष्य

तमिलनाडु सरकार ने अपनी नई बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पॉलिसी का ऐलान किया है, जिसके तहत अगले तीन वर्षों में **2.5 GW** की स्टोरेज क्षमता विकसित की जाएगी। अब नए सोलर प्रोजेक्ट्स को **10%** स्टोरेज के साथ **4 घंटे** का डिस्चार्ज अनिवार्य होगा।

नई पॉलिसी का फोकस

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के पावर ग्रिड को और अधिक स्थिर बनाने के लिए 2.5 GW और 10 GWh की स्टोरेज क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में पहले से ही करीब 30 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता मौजूद है, जिसे मैनेज करने के लिए अब स्टोरेज पर जोर दिया जा रहा है ताकि बिजली की बर्बादी को रोका जा सके।

नए प्रोजेक्ट्स के लिए सख्त नियम

नई गाइडलाइन्स के अनुसार, 1 MW से बड़े सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स को अब अपने कुल सोलर आउटपुट का 10% स्टोरेज सिस्टम के तौर पर लगाना होगा, जो 4 घंटे तक बैकअप दे सके। वहीं, मौजूदा सबस्टेशनों को भी 2027-28 फाइनेंशियल ईयर तक 5% और उसके बाद अगले साल और 5% स्टोरेज क्षमता जोड़नी होगी।

राहत की उम्मीद और चुनौतियां

डेवलपर्स के खर्च को कम करने के लिए सरकार ने 10 साल तक ट्रांसमिशन और व्हीलिंग चार्जेस माफ करने का प्रस्ताव रखा है, जो अभी TNERC की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 4 घंटे के डिस्चार्ज की अनिवार्य शर्त से शुरुआती कैपिटल इन्वेस्टमेंट (CapEx) बढ़ सकता है। अब निवेशकों की नजरें पहली टेंडर प्रक्रिया और मर्चेंट स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर मिलने वाली स्पष्टता पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.