Think Gas ने अपने ग्राहकों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। कंपनी ने एक नया ज्योग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS) इनेबल्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिससे अब ग्राहक घर बैठे ही अपने इलाके में PNG की उपलब्धता तुरंत जांच सकते हैं।
इस डिजिटल टूल को पेट्रोलियम और नैचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पेश किया गया। नए प्लेटफॉर्म पर, ग्राहक अपने पते या लोकेशन को इंटरैक्टिव मैप पर सर्च कर सकते हैं और ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। वेरिफिकेशन के बाद Think Gas 30 दिनों के भीतर कनेक्शन देने का वादा कर रही है।
अगर किसी इलाके में अभी PNG कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, तो ग्राहक वहां अपनी रुचि दर्ज करा सकते हैं। यह Think Gas को नए इंफ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग करने और नेटवर्क बढ़ने के साथ ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करेगा। Think Gas के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अभिलेश गुप्ता ने कहा कि यह डिजिटल पहल पारदर्शिता और सुविधा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भारत को क्लीनर एनर्जी मिक्स की ओर ले जाने में मददगार है।
भारत का सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। साल 2025 से 2035 के बीच इसके 6.0% सालाना की दर से बढ़ने का अनुमान है, और 2035 तक यह $20.63 बिलियन तक पहुंच सकता है। यह वृद्धि शहरीकरण, बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और सरकार के प्राकृतिक गैस को ऊर्जा मिश्रण में 15% तक पहुंचाने के लक्ष्य (जो अभी 6.3% है) से प्रेरित है।
ऐसे माहौल में, GIS टेक्नोलॉजी का उपयोग Think Gas के लिए एक स्मार्ट कदम है। इसी तरह, Mahanagar Gas Limited (MGL), Indraprastha Gas Limited (IGL) और Gujarat Gas जैसी कंपनियां भी डिजिटल टूल अपना रही हैं। PNGRB भी CGD एसेट्स के लिए GIS मैपिंग अनिवार्य करता है। इन GIS प्लेटफॉर्म्स से मिले डेटा से मांग का अनुमान लगाने और नए इंफ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग में मदद मिलती है।
हालांकि, CGD सेक्टर को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए ₹1.2 लाख करोड़ की भारी फंडिंग की जरूरत है। इसके अलावा, सरकारी मंजूरी और नियमों में बदलाव भी असर डाल सकते हैं। Think Gas एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इसकी मार्केट शेयर और फाइनेंशियल डिटेल्स पब्लिक नहीं हैं, जिससे तुलना मुश्किल होती है। GAIL और Adani Gas जैसी बड़ी कंपनियां भी तेजी से विस्तार कर रही हैं। कंपनी AG&P Pratham के साथ मर्जर की भी चर्चा में है, जिसमें ऑपरेशनल चुनौतियां हो सकती हैं।
GIS डेटा का प्रभावी उपयोग Think Gas के लिए भविष्य की प्लानिंग और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए महत्वपूर्ण होगा। Think Gas का यह कदम भारत के ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है, जहां 2030 तक प्राकृतिक गैस की खपत दोगुनी होने की उम्मीद है। PNG कनेक्शन को आसान बनाकर, Think Gas अपनी सेवाओं को बेहतर बना रहा है और भारत के गैस-आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान दे रहा है।