Renewable energy कंपनी Suzlon Energy ने Torrent Green Energy से 250 MW का एक नया ऑर्डर हासिल किया है। यह दोनों कंपनियों के बीच एक दशक से चले आ रहे मजबूत रिश्ते का एक और उदाहरण है। इस नए ऑर्डर के साथ, चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) में कंपनी का कुल ऑर्डर बुक 1.1 GW से ऊपर पहुंच गया है। हालांकि, बाजार की निगाहें कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर टिकी हैं, जिनमें पिछले तिमाही में दबाव देखा गया था।
###Suzlon Energy ने जीता 250 MW का प्रोजेक्ट
Suzlon Energy ने मंगलवार को बताया कि उन्हें Torrent Green Energy से 250 MW की विंड टर्बाइन सप्लाई करने का एक बड़ा ऑर्डर मिला है। यह Torrent द्वारा Suzlon को दिया गया छठा प्रोजेक्ट है, जिसने पिछले 10 सालों में उनकी पार्टनरशिप के तहत कुल 1.3 GW से ज़्यादा की क्षमता स्थापित की है। यह प्रोजेक्ट गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में फैला हुआ है।
इस डील के तहत, Suzlon 76 यूनिट्स अपनी S144 मॉडल की विंड टर्बाइन सप्लाई करेगी, जिनमें से हर एक की क्षमता 3.3 MW है। इतना ही नहीं, इस समझौते में प्रोजेक्ट के लिए ज़रूरी ग्रिड इंटीग्रेशन और लम्बे समय तक चलने वाली ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) सर्विसेज भी शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इस तरह की सर्विसेज उनके बिज़नेस मॉडल का एक अहम हिस्सा हैं, जिससे उन्हें इनिशियल प्रोजेक्ट इंस्टॉलेशन के बाद भी लम्बे समय तक रेवेन्यू मिलता रहता है।
###ऑर्डर बुक मजबूत, पर प्रॉफिट मार्जिन पर चिंता
इस नए ऑर्डर के साथ, Suzlon Energy की चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए कुल ऑर्डर बुकिंग 1.1 GW के पार निकल गई है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह लगातार मिल रहे ऑर्डर्स ग्राहकों का उनकी टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्ट को पूरा करने की क्षमता पर भरोसा दिखाते हैं। लेकिन, जहां एक तरफ ऑर्डर बुक लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मार्केट का ध्यान इस बात पर है कि कंपनी इस टॉप-लाइन ग्रोथ को बॉटम-लाइन प्रॉफिट में कैसे बदल पाती है।
FY27 की पहली तिमाही में Suzlon का रेवेन्यू 22.5% बढ़ा था, जो बताता है कि डिमांड अभी भी मजबूत है। लेकिन, इसी दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 6% घटकर ₹305 करोड़ रह गया। साथ ही, EBITDA मार्जिन भी घटकर 15.6% पर आ गया। रेवेन्यू में बढ़ोतरी और प्रॉफिट में गिरावट का यह मेल निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मार्केट इस बात पर भी गौर कर रहा है कि नए ऑर्डर्स भविष्य के लिए ज़रूरी हैं, लेकिन उन्हें ऐसे समय में पूरा करना होगा जब इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है और प्रोजेक्ट मिक्स में भी बदलाव आया है, जिससे मार्जिन पर दबाव आ रहा है।
###मार्केट रिएक्शन और निवेशकों का नजरिया
नए ऑर्डर की घोषणा के बावजूद, जिस दिन यह खबर आई, Suzlon के शेयर में गिरावट देखने को मिली। यह प्रतिक्रिया बताती है कि निवेशक नए ऑर्डर्स की संख्या से ज़्यादा कंपनी की कमाई की क्वालिटी और मार्जिन की स्थिरता को महत्व दे रहे हैं। अब Suzlon के सामने चुनौती यह साबित करने की होगी कि वे इन नए प्रोजेक्ट्स, जिसमें यह 250 MW का ऑर्डर भी शामिल है, को पूरा करते हुए इनपुट कॉस्ट को कंट्रोल कर पाते हैं और अपने प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बना पाते हैं।
आने वाली तिमाहियों में निवेशक कंपनी के परफॉरमेंस पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि क्या मार्जिन पर आया यह दबाव एक अस्थायी समस्या थी या यह एक लगातार बनी रहने वाली चुनौती है। आने वाले महीनों में प्रोजेक्ट के पूरा होने की समय-सीमा, कच्चे माल की लागत प्रबंधन और भविष्य के नतीजों में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार जैसे मुद्दे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
