Suzlon Group ने यूरोपियन मार्केट में अपनी पैठ जमाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने वहाँ अपने नए 5 MW और 6.3 MW क्षमता वाले विंड टर्बाइन लॉन्च किए हैं।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब यूरोपियन यूनियन (EU) रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। EU ने 2030 तक अपने एनर्जी मिक्स का 42.5% से 45% हिस्सा रिन्यूएबल स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा है, और इसके लिए REPowerEU जैसी पहलों के तहत ज़ोर-शोर से निवेश किया जा रहा है। अनुमान है कि 2025 तक यूरोप में विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स में €45 अरब का निवेश होगा, जिससे लगभग 19.1 GW नई क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। साथ ही, पुराने विंड फार्म्स को बदलने (repowering) के बाज़ार में भी 17 GW के अवसर मौजूद हैं, जहाँ Suzlon की बड़ी क्षमता वाले टर्बाइन फिट बैठते हैं।
हाल के दिनों में Suzlon के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखी गई है। 17 अप्रैल 2026 तक के महीने में स्टॉक में लगभग 30% का उछाल आया था। 19 अप्रैल 2026 तक, शेयर करीब ₹52.93 पर ट्रेड कर रहा था और कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹71,400 करोड़ थी।
लेकिन, यूरोप का यह बाज़ार इतना आसान नहीं है। यहाँ पहले से ही Vestas Wind Systems, Siemens Gamesa Renewable Energy और GE Vernova जैसी दिग्गज कंपनियाँ मौजूद हैं। इसके अलावा, Goldwind और Envision जैसे चीनी मैन्युफैक्चरर्स भी अपनी पकड़ बना रहे हैं। Suzlon को इन स्थापित खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल, Suzlon की ओवरसीज (विदेशी) स्थापित क्षमता लगभग 6 GW है, जिसमें से करीब 660 MW यूरोप में है। कंपनी अपनी घरेलू सफलता को विदेशों में दोहराना चाहती है। अच्छी बात यह है कि Suzlon ने अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को काफी सुधारा है और यह लगभग कर्ज-मुक्त हो गई है। कंपनी का P/E रेश्यो 19.2 से 46.2 के बीच रहा है, जो भविष्य के विकास की उम्मीदों को दर्शाता है। कई एनालिस्ट्स इसे 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं और इसमें बड़े upsides की संभावना देख रहे हैं।
हालांकि, चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। यूरोप में पैठ बनाना, खासकर स्थापित प्लेयर्स के बीच, मुश्किल है। EU की नीतियों में स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स को बढ़ावा देने वाले नियम भी हो सकते हैं। Suzlon को पहले भी विदेशी विस्तार में दिक्कतें आई हैं। इसके अलावा, परमिट मिलने में देरी, ग्रिड कनेक्शन की दिक्कतें और चीनी कंपनियों से प्राइसिंग प्रेशर जैसी समस्याएं भी राह में रोड़ा बन सकती हैं। वहीं, प्रमोटर की होल्डिंग सिर्फ 11.7% है, जिसे कुछ निवेशक चिंता का विषय मान सकते हैं।
कुल मिलाकर, EU का रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर Suzlon के लिए एक बड़ा अवसर है। कंपनी की नई टर्बाइन तकनीक और बेहतर फाइनेंशियल पोजीशन इसे मदद कर सकती है। लेकिन, यूरोपियन मार्केट की बारीकियों को समझना और कड़े मुकाबले में टिके रहना ही इसकी सफलता की कुंजी होगी।
