Suzlon Energy का ऑर्डर बुक हुआ और मजबूत
Renewable energy सेक्टर की दिग्गज कंपनी Suzlon Energy ने Sunsure Energy से 195 MW का एक महत्वपूर्ण ऑर्डर हासिल किया है। यह डील कंपनी के 3MW प्लेटफॉर्म की बढ़ती मांग को दर्शाती है, जिसकी कुल बिक्री अब लगभग 9 GW तक पहुंच गई है। Sunsure Energy के साथ यह दूसरा बड़ा ऑर्डर है, जिससे दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी और मजबूत हुई है। अब तक दोनों मिलकर महाराष्ट्र और कर्नाटक में लगभग 300 MW के प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुके हैं।
कर्नाटक में 2 GW से ज्यादा का पोर्टफोलियो
यह नया 195 MW का ऑर्डर 65 S144 विंड टर्बाइन जेनरेटर के लिए है, जो कर्नाटक में लगाए जाएंगे। इस ऑर्डर के जुड़ने के बाद कर्नाटक में Suzlon का कुल ऑर्डर पोर्टफोलियो 2 GW से भी ज्यादा हो गया है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन, Girish Tanti ने बताया कि 3 MW प्लेटफॉर्म, खासकर S144 मॉडल, भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। Suzlon एनर्जी अब कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों पर फोकस कर रही है, जहां कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर से विंड एनर्जी की काफी मांग है। इस खबर के बाद Suzlon के शेयर में करीब 1.6% की तेजी देखी गई और यह ₹53.45 के स्तर पर पहुंच गया।
एनालिस्ट का भरोसा बढ़ा, टारगेट ₹60
Ambit Institutional Equities ने Suzlon Energy पर अपना भरोसा जताते हुए 'buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹60 प्रति शेयर तय किया है। यह मौजूदा भाव से करीब 20% की बढ़ोतरी का संकेत देता है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि कंपनी ने सफलतापूर्वक टर्नअराउंड किया है, जिसमें एसेट बिक्री, कर्ज में कमी और S144 प्लेटफॉर्म पर R&D पर ध्यान देना शामिल है। Ambit को उम्मीद है कि आने वाले समय में विंड टर्बाइन जेनरेटर की मांग बनी रहेगी और 2027 तक Suzlon का मार्केट शेयर 32% से बढ़कर 40% से अधिक हो जाएगा।
क्या हैं चुनौतियां?
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। यह बिजनेस काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसमें प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने का जोखिम हो सकता है। साथ ही, Renewable energy सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी प्राइजिंग और मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। Suzlon के बड़े ऑर्डर बुक को पूरा करने के लिए काफी पूंजी और कुशल एग्जीक्यूशन की जरूरत होगी। इसके अलावा, कर्ज कम करना और वर्किंग कैपिटल मैनेज करना कंपनी की वित्तीय स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है।
Suzlon की मार्केट पोजीशन
22 मई 2026 तक, Suzlon Energy का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग $12.5 बिलियन था और P/E रेश्यो 45.5x था। कंपनी भारतीय विंड एनर्जी मार्केट में Inox Wind और Siemens Gamesa Renewable Power जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है। Inox Wind द्वारा भी लगातार ऑर्डर हासिल करना इस बात का संकेत है कि Suzlon को अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रखनी होगी। मौजूदा शेयर ₹53.45 पर ट्रेड कर रहा है, जो हालिया ऑर्डर और एनालिस्ट के ₹60 के टारगेट प्राइस को दर्शाता है।
