स्पेन समेत 6 यूरोपीय देशों ने EU से तेल और गैस कंपनियों पर परमानेंट 'विंडफॉल टैक्स' लगाने की मांग की है। 'होरमुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में जारी ब्लॉकडे के कारण बढ़े हुए मार्जिन और जलवायु परिवर्तन (Climate Resilience) के लिए फंड जुटाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
स्पेन अब यूरोपियन यूनियन में एनर्जी सेक्टर के टैक्स नियमों को पूरी तरह से बदलने की मुहिम छेड़ चुका है। स्पेन के साथ जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इटली, पोलैंड और पुर्तगाल ने मिलकर एक औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ऑयल और गैस कंपनियों के मुनाफे पर एक स्थायी लेवी (Levy) लगाने की बात कही गई है।\n\n### फंड का इस्तेमाल कहां होगा?\nइस टैक्स से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल जलवायु अनुकूलन (Climate Adaptation) के लिए एक डेडिकेटेड फंड बनाने में किया जाएगा। गौरतलब है कि सूखे और जंगलों की आग (Wildfires) जैसी प्राकृतिक आपदाओं से पिछले कुछ सालों में यूरोप को €50 बिलियन से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है।\n\n### तेजी के पीछे की वजह\nफरवरी 2026 से होरमुज जलडमरूमध्य में चल रहे ब्लॉकडे ने एनर्जी सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे कंपनियों के मार्जिन में जबरदस्त उछाल आया है। समर्थकों का मानना है कि इन असाधारण मुनाफों का एक हिस्सा आपदाओं से निपटने के लिए इस्तेमाल होना चाहिए।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम और अनिश्चितता\nयह रास्ता आसान नहीं है क्योंकि यूरोपियन कमीशन विंडफॉल टैक्स को राष्ट्रीय स्तर का मामला मानता है, न कि यूनियन का। इंडस्ट्री लीडर्स ने चेतावनी दी है कि स्थायी टैक्स से लॉन्ग-टर्म कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर असर पड़ेगा और कंपनियां अपना पैसा कहीं और शिफ्ट कर सकती हैं।\n\nआने वाले 18 और 19 सितंबर को डबलिन में होने वाली यूरोपियन फाइनेंस मिनिस्टर्स की मीटिंग इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है। निवेशकों के लिए फिलहाल रेग्युलेटरी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि किसी भी बड़े फैसले का सीधा असर एनर्जी कंपनियों के कैश फ्लो पर पड़ेगा।
