South West Pinnacle Exploration के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने पहली तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में **287%** का शानदार उछाल दर्ज किया है, जो **₹9.3 करोड़** रहा। यह मजबूती रेवेन्यू में **53%** की बढ़त के चलते आई है। शेयर **8.42%** तक चढ़ गए, क्योंकि निवेशकों को रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट्स से भविष्य की अच्छी कमाई की उम्मीद है। कंपनी अब राजस्थान में अपने सबसे बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
Detailed Coverage
नतीजों से शेयर में आई तूफानी तेजी
South West Pinnacle Exploration Limited के शेयरों में मंगलवार को 8.42% की जोरदार तेजी देखने को मिली और यह ₹255.76 के स्तर पर पहुंच गए। यह उछाल कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद आया है, जिसने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। कंपनी ने बताया कि उसका नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹9.3 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह सिर्फ ₹2.4 करोड़ था। यह जबरदस्त बढ़ोतरी कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 53% की सालाना बढ़त के सहारे आई है, जो ₹61.7 करोड़ तक पहुंच गया।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन में सुधार
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA मार्जिन) में भी बड़ा सुधार हुआ है, जो पिछले साल के 14% से बढ़कर 24% हो गया है। यह दिखाता है कि कंपनी अपनी एक्सप्लोरेशन एक्टिविटीज़ को बढ़ाते हुए भी खर्चों को बखूबी मैनेज कर रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और अपनी सर्विस की कीमतों को सही रखने की वजह से संभव हुआ है। कंपनी फिलहाल भारत के आठ राज्यों में 20 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है और सुरक्षा व प्रोजेक्ट डिलीवरी पर खास ध्यान दे रही है।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और भविष्य की योजना
कंपनी के रेवेन्यू के आउटलुक को सबसे बड़ा बूस्ट उसकी ₹761 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक से मिल रहा है। इस कुल ऑर्डर में राजस्थान में मिला ₹307 करोड़ का सबसे बड़ा सिंगल प्रोजेक्ट और Reliance Industries से कोल बेड मीथेन (CBM) सर्विसेज के लिए ₹166 करोड़ से ज्यादा का एक्सटेंशन कॉन्ट्रैक्ट शामिल है। ये बड़े ऑर्डर आने वाली तिमाहियों के लिए कमाई की स्पष्ट विजिबिलिटी दे रहे हैं। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी नए ड्रिलिंग रिग्स में भी निवेश कर रही है।
घरेलू ऑपरेशंस के अलावा, South West Pinnacle अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी ने हाल ही में ओमान में एक ज्वाइंट वेंचर के जरिए एयरबोर्न सर्वे पूरा किया है और अपने ऑस्ट्रेलियाई पार्टनर Alara Resources Ltd. के राइट्स इश्यू में भी हिस्सा ले रही है। ये कदम कंपनी की भौगोलिक मौजूदगी को बढ़ाने और महत्वपूर्ण मिनरल एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स में भागीदारी को दर्शाते हैं।
निवेशकों के लिए, अब मुख्य रूप से राजस्थान के बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने की रफ़्तार और नए रिग्स की खरीद पर आने वाले खर्चों के बीच कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रहेगी। इसके अलावा, झारखंड में कोल ब्लॉक्स की जियोलॉजिकल रिपोर्ट्स और कंपनी के अंतरराष्ट्रीय ज्वाइंट वेंचर्स में होने वाले विकास पर भी नजर रखी जाएगी, क्योंकि ये भविष्य के कैपिटल एलोकेशन और रेवेन्यू स्टेबिलिटी को प्रभावित करेंगे।
