Shell ने Q3 2026 के लिए गैस प्रोडक्शन गाइडेंस को बढ़ाकर **740,000–780,000** बैरल प्रतिदिन कर दिया है। यह तेजी **$16.5 बिलियन** की ARC Resources डील के बाद आई है, हालांकि कंपनी को केमिकल सेक्टर में दबाव और **$2.5 बिलियन** के वन-टाइम खर्च का सामना भी करना पड़ रहा है।
प्रोडक्शन में भारी उछाल
Shell ने अपने Q3 2026 के प्रोडक्शन आउटलुक में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अब प्रोडक्शन का अनुमान 740,000 से 780,000 बैरल ऑफ ऑयल इक्विवेलेंट प्रति दिन (boepd) के बीच रहने की उम्मीद जताई है। याद दिला दें कि पहले यह अनुमान 570,000 से 630,000 boepd के बीच था।
ARC Resources डील का असर
इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह कनाडाई एनर्जी प्रोड्यूसर ARC Resources का अधिग्रहण है। Shell ने $16.5 बिलियन में यह डील 2 सितंबर, 2026 को पूरी की थी। इस अधिग्रहण ने कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूती दी है, जो अब सीधे तौर पर उनके प्रोडक्शन आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
मार्जिन और फाइनेंशियल चुनौतियों का गणित
भले ही प्रोडक्शन बढ़ा हो, लेकिन कंपनी के बाकी बिजनेस का हाल मिला-जुला है। रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार की उम्मीद है, जो $24 प्रति बैरल से बढ़कर $42 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। वहीं, दूसरी ओर केमिकल्स सेगमेंट में दबाव बढ़ गया है, जहां मार्जिन पिछली तिमाही के $270 प्रति टन से घटकर $208 प्रति टन रहने का अनुमान है।
निवेशक कंपनी के कैश फ्लो पर भी बारीक नजर रखे हुए हैं। जर्मनी में एमिशन सर्टिफिकेट्स के भुगतान की वजह से तीसरी तिमाही में $2.5 बिलियन का कैश आउटफ्लो होने की संभावना है। साथ ही, कंपनी लगभग $300 मिलियन के अपस्ट्रीम एक्सप्लोरेशन वेल राइट-ऑफ की उम्मीद भी कर रही है।
आगे की राह
रिफाइनरी यूटिलाइजेशन 93% से 97% के बीच रहने का अनुमान है, लेकिन राइन नदी (Rhine River) में कम जलस्तर लॉजिस्टिक्स के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर बना हुआ है। इन सभी अपडेट्स के बाद अब निवेशकों की नजर 29 अक्टूबर, 2026 को आने वाले फुल Q3 नतीजों पर टिकी है।
