1 सितंबर, 2026 से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल LPG और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कमर्शियल सिलेंडर की दो महीने की राहत के बाद यह बढ़ोतरी हुई है, जबकि हवाई ईंधन (ATF) में लगातार दूसरे महीने इजाफा हुआ है।
कमर्शियल LPG पर असर
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 सितंबर, 2026 से ईंधन की कीमतों में बदलाव किया है। हालांकि, घरेलू 14.2-kg LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कमर्शियल 19-kg सिलेंडर की कीमतों में प्रमुख शहरों में ₹9.50 से लेकर ₹11.50 तक की बढ़ोतरी की गई है। यह कदम रेस्टोरेंट, होटल और कैटरिंग बिजनेस के लिए एक बड़ा झटका है, जिनकी लागत पर सीधा असर पड़ेगा।
एविएशन सेक्टर के लिए चिंता
सबसे ज्यादा असर एविएशन सेक्टर पर दिख रहा है, जहां ATF के दाम में 5.46% यानी ₹6.28 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। अब ATF की कीमत बढ़कर ₹121.28 प्रति लीटर हो गई है। एयरलाइंस की कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट का 35% से 40% हिस्सा केवल ईंधन पर खर्च होता है, ऐसे में लगातार दूसरे महीने की बढ़ोतरी कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ा सकती है। अब देखना यह है कि एयरलाइंस इस बोझ को टिकट कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए ग्राहकों पर कितना ट्रांसफर करती हैं।
वैश्विक तनाव और रिस्क
ये घरेलू बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिमी एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण हुए हैं। ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता का सीधा असर भारत के फ्यूल प्राइज पर दिख रहा है। निवेशकों को आने वाले क्वार्टर में एयरलाइंस और हॉस्पिटैलिटी कंपनियों के रिजल्ट्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि मैनेजमेंट की कमेंट्री यह तय करेगी कि वे इस बढ़ती लागत से निपटने के लिए क्या रणनीति अपना रहे हैं।
