Saudi Aramco: Hormuz संकट से बचने के लिए बदला तेल निर्यात का रास्ता, मुनाफे में भी हुआ उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Saudi Aramco: Hormuz संकट से बचने के लिए बदला तेल निर्यात का रास्ता, मुनाफे में भी हुआ उछाल

Saudi Aramco ने रीजनल सिक्योरिटी रिस्क को देखते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर के पोर्ट्स से तेल निर्यात बढ़ा दिया है। सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने Q2 2026 में **41.9%** से **44%** तक का शानदार प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया है।

सुरक्षा के लिए नया रूट

क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए Saudi Aramco ने तेल की सप्लाई को बनाए रखने के लिए अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य का विकल्प तलाश लिया है। कंपनी अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के वैकल्पिक पोर्ट्स से क्रूड का निर्यात कर रही है।

कंपनी फजुराह (Fujairah) और सोहार (Sohar) के तटों पर ship-to-ship ट्रांसफर का इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही, 'पेट्रोलाइन' (Petroline) या ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल करके तेल को सीधे लाल सागर के यानबू (Yanbu) पोर्ट तक पहुंचाया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक सप्लाई जारी रहे।

फाइनेंशियल्स की स्थिति

बाजार की मुश्किलों के बीच कंपनी की परफॉर्मेंस काफी मजबूत रही है। 2026 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 41.9% से 44% तक बढ़ा है। इस बढ़त की मुख्य वजह तेल की ऊंची कीमतें रहीं, जिसने सप्लाई वॉल्यूम में आई कमी की भरपाई कर दी। हालांकि, निवेशकों की नजर कंपनी के कर्ज पर है; कंपनी का गियरिंग रेशियो मार्च 2026 के 4.8% से बढ़कर जून के अंत तक 6.2% पर पहुंच गया है।

आगे की चुनौतियां

ये लॉजिस्टिक बदलाव महंगे हैं और ship-to-ship ट्रांसफर में लागत काफी बढ़ जाती है। साथ ही, समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं, क्योंकि कुछ जहाज अपनी ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रहे हैं। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी भविष्य में भी इन बढ़े हुए लॉजिस्टिक खर्चों के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रख पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.