Saudi Aramco ने साल 2026 की तीसरी तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए **$36.25 बिलियन** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कच्चे तेल के निर्यात में तेजी और रिफाइनिंग कारोबार के दम पर कंपनी ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड एनर्जी कंपनी Saudi Aramco ने Q3 2026 के अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 34% की उछाल के साथ $36.25 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी की कोर ऑपरेशनल हेल्थ को दर्शाने वाली एडजस्टेड नेट इनकम $31.2 बिलियन रही, जिसमें सालाना आधार पर 9% की बढ़ोतरी देखी गई है।
ऑपरेशंस और एक्सपोर्ट में रिकवरी
अक्टूबर 2026 तक कंपनी का क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट 7 मिलियन बैरल प्रति दिन के स्तर पर पहुंच गया है। फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के पारंपरिक मार्गों और ईस्ट-वेस्ट (Petroline) पाइपलाइन के चालू होने से कंपनी ने अपनी सप्लाई चेन को फिर से पटरी पर ला दिया है। यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रहा है।
डाउनस्ट्रीम कारोबार का दम
कंपनी के रिफाइनिंग और केमिकल ट्रेडिंग (Downstream) डिवीजन ने इस तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। इस सेगमेंट का 'अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्स' पिछले साल की तुलना में 234% बढ़ा है। मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन ने कंपनी के मुनाफे में बड़ी भूमिका निभाई है। साथ ही, बोर्ड ने $21.9 बिलियन का डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसका भुगतान चौथी तिमाही में किया जाएगा।
भू-राजनीतिक जोखिम और चुनौतियां
शानदार नतीजों के बावजूद कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां बरकरार हैं। स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) और बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandeb) जैसे समुद्री मार्गो पर तनाव की स्थिति कंपनी के लिए बड़ा रिस्क बनी हुई है। लॉजिस्टिक्स में किसी भी तरह की बाधा कंपनी के एक्सपोर्ट को प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि कंपनी भविष्य में मांग और सप्लाई के बीच संतुलन कैसे बनाती है और अपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा को कैसे बरकरार रखती है।
