सऊदी अरब की Saudi Aramco की **4,00,000** बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली Jizan रिफाइनरी पर **7 सितंबर, 2026** को फिर से हमला हुआ है। इस घटना के बाद से जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया है, जिससे Brent Crude की कीमतें **1.2%** बढ़कर **$97.40** प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं।
तेल बाजार में मची हलचल
सऊदी अरब की प्रमुख ऑयल फैसिलिटी Jizan में सोमवार को हुए इस हमले ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट्स को हिला दिया है। यह रिफाइनरी कंपनी के लिए बेहद अहम है और यहाँ 4,00,000 बैरल प्रति दिन का प्रोडक्शन होता है। अगस्त 2026 में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी जिसने ऑपरेशंस को अस्थाई तौर पर बाधित किया था। फिलहाल कंपनी डैमेज का आंकलन कर रही है और प्रोडक्शन पर असर को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कच्चे तेल की कीमतों पर असर
यमन सीमा के पास सुरक्षा चिंताओं के कारण ग्लोबल तेल बाजार तुरंत रिएक्ट कर रहा है। Brent Crude 1.2% की तेजी के साथ $97.40 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, जो जुलाई 2026 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं, West Texas Intermediate (WTI) भी बढ़कर $92.26 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। मार्केट के जानकारों का मानना है कि शिपिंग रूट पर बढ़ते खतरे सप्लाई शॉक पैदा कर सकते हैं।
बढ़ता जियोपॉलिटिकल रिस्क
Jizan कॉम्प्लेक्स पर हुआ यह हमला Bab al-Mandeb Strait के पास बढ़ते समुद्री विवादों और एनर्जी ट्रांसपोर्ट के खतरों को भी उजागर करता है। यह इलाका ग्लोबल ऑयल एक्सपोर्ट के लिए एक मुख्य कॉरिडोर है। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये सुरक्षा चुनौतियां लंबे समय तक प्रोडक्शन में रुकावट पैदा करेंगी या एनर्जी ट्रांजिट की लागत को और बढ़ाएंगी। आने वाले दिनों में Saudi Aramco के अपडेट्स और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
