सऊदी अरब की राजधानी रियाद के King Khalid International Airport के पास स्थित Saudi Aramco के फ्यूल डिपो में आग लगने से हड़कंप मच गया है। इस घटना के कारण फ्लाइट्स का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और निवेशकों की नजरें अब ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर टिकी हैं।
रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित Saudi Aramco के फ्यूल स्टोरेज फैसिलिटी में शनिवार को आग लगने से मुख्य एविएशन हब में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के चलते कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा या देरी का सामना करना पड़ा, जिससे एयरपोर्ट का कामकाज आंशिक रूप से रुक गया।
रीजनल ऑपरेशंस पर असर
शनिवार सुबह से ही इमरजेंसी रिस्पांस टीमें आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटी रहीं। हालांकि, टीमों ने आग पर नियंत्रण पा लिया है, लेकिन प्रभावित इलाके के आसपास अभी भी सुरक्षा घेरा बना हुआ है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, रियाद में कुछ जगहों पर धमाकों की खबर के बाद नागरिकों को हवाई खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव बढ़ा हुआ है और यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों से जुड़े सुरक्षा जोखिम लगातार बने हुए हैं।
एनर्जी सेक्टर और निवेशकों के लिए मायने
Saudi Aramco दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल प्रोड्यूसर कंपनी है और इसका इंफ्रास्ट्रक्चर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। निवेशकों के लिए किसी भी प्रमुख एनर्जी फैसिलिटी में व्यवधान चिंता का विषय है, क्योंकि इसका सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की लॉजिस्टिक्स और एनर्जी कीमतों की स्थिरता पर पड़ सकता है। हालांकि आग डिपो तक ही सीमित थी, लेकिन क्रिटिकल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के करीब होने के कारण अब क्षेत्र में एनर्जी साइट्स की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल निवेशक और मार्केट पार्टिसिपेंट्स सऊदी सरकार और कंपनी की ओर से आधिकारिक बयानों का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग का असली कारण क्या था और आगे एनर्जी एसेट्स की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
