सऊदी अरब के King Fahd Airport और Saudi Aramco की ऑयल फैसिलिटी पर हुए ड्रोन हमलों ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस घटना में **3** लोगों की मौत हुई है और उड़ानों पर असर पड़ा है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और भारतीय बाजार पर पड़ सकता है।
बुधवार को सऊदी अरब के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए भीषण ड्रोन हमले किए गए। दम्मम स्थित King Fahd International Airport पर हुए हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 8 लोग घायल हुए, जिसके कारण कमर्शियल फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, Shaybah ऑयल फैसिलिटी पर हुए हमले में 2 लोगों की जान गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। चिंता की बात यह है कि घायलों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर
सऊदी अरब भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने वाला प्रमुख देश है। इस हमले के कारण सप्लाई चेन में रुकावट आने से ग्लोबल मार्केट में Brent Crude की कीमतों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। भारत के लिए क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम सीधे तौर पर आयात बिल (Import Bill) और ट्रेड बैलेंस पर दबाव डालते हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए सेक्टर का हाल
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। अगर कंपनियां बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो उनके मार्जिन पर असर पड़ना तय है। इसके अलावा, पेंट्स, टायर्स और केमिकल सेक्टर, जो कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स पर निर्भर हैं, उनकी इनपुट कॉस्ट बढ़ सकती है।
लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा चुनौतियां
सऊदी गठबंधन ने 4 अन्य ड्रोन को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है, लेकिन इन घटनाओं की पुनरावृत्ति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। फिलहाल Saudi Ministry of Energy स्थिति की निगरानी कर रही है। निवेशकों को सलाह है कि वे ग्लोबल ऑयल प्राइसेज और सऊदी अरब के आधिकारिक बयानों पर नजर रखें, क्योंकि यही क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव का मुख्य आधार बनेंगे।
