Samsung C&T ने न्यूक्लियर स्टार्टअप Kairos Power में **$10 करोड़** (इक्विटी और सर्विसेज) का निवेश करने का ऐलान किया है। इसका मकसद Google के AI डेटा सेंटर्स को क्लीन एनर्जी उपलब्ध कराना है।
निवेश की पूरी जानकारी
इंजीनियरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी Samsung C&T ने न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए $10 करोड़ तक के निवेश की घोषणा की है। इस डील में $7 करोड़ की इक्विटी हिस्सेदारी और $3 करोड़ की इंजीनियरिंग सर्विसेज शामिल हैं। यह पार्टनरशिप मुख्य रूप से Google के बढ़ते AI डेटा सेंटर्स की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई है।
प्रोजेक्ट 'Hermes 2' पर नजर
यह निवेश मुख्य रूप से टेनेसी के ओक रिज में बन रहे Hermes 2 रिएक्टर के लिए है। इसकी क्षमता 50 मेगावाट तय की गई है और इसके 2030 तक चालू होने की उम्मीद है। Google और Kairos का लक्ष्य 2035 तक कुल 500 मेगावाट पावर जेनरेशन तक पहुंचना है।
नई टेक्नोलॉजी और सुरक्षा
Kairos Power पारंपरिक वॉटर-कूल्ड सिस्टम के बजाय फ्लोराइड साल्ट-कूल्ड डिजाइन का इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ ही, इसमें TRISO फ्यूल टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है, जो हाई टेम्परेचर में भी सुरक्षा सुनिश्चित करती है। कंपनी का दावा है कि यह पुराने न्यूक्लियर प्लांट्स के मुकाबले अधिक सुरक्षित और स्केलेबल है।
क्या हैं चुनौतियां?
न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में भारी पूंजी की जरूरत होती है और अक्सर लंबे समय तक देरी की आशंका बनी रहती है। हालांकि तकनीक आधुनिक है, लेकिन रेगुलेटरी अप्रूवल, बढ़ती लागत और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इस सेक्टर के बड़े रिस्क हैं। निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि AI सेक्टर की बढ़ती डिमांड के बीच इन नए रिएक्टरों को कमर्शियल स्केल पर लाना अभी भी एक कठिन चुनौती बनी हुई है।
