Reliance का बड़ा दांव! वेनेजुएला से भारी छूट पर खरीदा कच्चा तेल, एनर्जी पोर्टफोलियो को मिलेगी मजबूती

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Reliance का बड़ा दांव! वेनेजुएला से भारी छूट पर खरीदा कच्चा तेल, एनर्जी पोर्टफोलियो को मिलेगी मजबूती
Overview

Reliance Industries ने अपनी एनर्जी सप्लाई को मजबूत करते हुए अप्रैल डिलीवरी के लिए वेनेजुएला से **20 लाख बैरल** कच्चा तेल खरीदने का बड़ा सौदा किया है। करीब एक साल बाद यह कंपनी की वेनेजुएला से पहली खरीद है, जो **$6.50-$7.00 प्रति बैरल** के जबरदस्त डिस्काउंट पर हुई है। यह कदम अमेरिकी लाइसेंसिंग नियमों में हुए बदलावों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने की रणनीति के तहत उठाया गया है।

दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का संचालन करने वाली Reliance Industries ने वेनेजुएला से 20 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद का एक बड़ा सौदा किया है। यह कच्चा तेल अप्रैल में डिलीवर होगा और कंपनी की करीब एक साल बाद वेनेजुएला से पहली खरीदारी है। सूत्रों के मुताबिक, यह डील ICE Brent बेंचमार्क के मुकाबले $6.50 से $7.00 प्रति बैरल के डिस्काउंट पर हुई है।

यह रणनीतिक खरीदारी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा वेनेजुएला के तेल को लेकर जारी किए गए नए लाइसेंस के चलते संभव हो पाई है, जिससे Vitol और Trafigura जैसी ट्रेडिंग कंपनियों को इसका विपणन करने की अनुमति मिली है। भारत सरकार का भी यह रुख रहा है कि अगर वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदना व्यावसायिक रूप से फायदेमंद (commercial viability) है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। यह Reliance के लिए एक बड़ा अवसर है, क्योंकि कंपनी का मार्केट कैप $216.57 अरब डॉलर है और इसका P/E रेशियो 20.23 से 23.90 के बीच है, जो इसे घरेलू प्रतिद्वंद्वियों जैसे Indian Oil Corporation (P/E लगभग 6.94, मार्केट कैप लगभग $30 अरब डॉलर) और Oil India Ltd. (P/E लगभग 14.0x, मार्केट कैप लगभग $8.5 अरब डॉलर) की तुलना में प्रीमियम वैल्यूएशन देता है।

यह डील भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और तेल आयात को विविधतापूर्ण (diversify) बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। State Bank of India के विश्लेषण के अनुसार, ऐसे सौदे भारतीय रिफाइनरों के लिए $3 अरब डॉलर तक की बचत करा सकते हैं, हालांकि भारी और सल्फर युक्त (heavy, sulfurous) इस कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए रिफाइनरी में कुछ बदलावों की आवश्यकता हो सकती है।

ऐतिहासिक रूप से, वेनेजुएला का कच्चा तेल भारत के कुल आयात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जो चरम पर 3.4% तक पहुंच गया था। हालांकि, 2019-20 और 2023-24 में प्रतिबंधों के कारण इसमें रुकावटें आई थीं। वर्तमान में ICE Brent क्रूड फ्यूचर्स लगभग $68.06 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, और वेनेजुएला के कच्चे तेल पर मिली यह छूट Reliance को अपनी एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड रिफाइनरी सुविधाओं के लिए एक मजबूत cạnh tranh बढ़त (competitive edge) प्रदान करती है।

Reliance की इस डील का लंबी अवधि का प्रभाव अमेरिकी प्रतिबंधों की नीति और वैश्विक स्तर पर भारी, सल्फर युक्त कच्चे तेल की मांग पर निर्भर करेगा। हाल ही में Q2 FY26 में Reliance ने 9.6% की साल-दर-साल वृद्धि के साथ ₹18,165 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। विश्लेषक Reliance के विविध बिजनेस मॉडल को देखते हुए इसे सकारात्मक नजरिए से देखते हैं।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.